Dhanbad News: स्वदेशी अनुसंधान, नवाचार व आधुनिक तकनीक से भी आत्मनिर्भर बनेगा भारत

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2026 पर सिंफर में कार्यक्रम का आयोजन - तकनीकी नवाचार और आत्मनिर्भरता पर जोर

सिंफर धनबाद परिसर में मंगलवार को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2026 मनाया गया. कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, अधिकारियों, कर्मचारियों, छात्रों और आमंत्रित अतिथियों ने प्रत्यक्ष व ऑनलाइन भाग लिया. इस दौरान तकनीकी नवाचार, आत्मनिर्भर भारत, सतत विकास और उद्योग-अकादमिक सहयोग के महत्व पर विशेष चर्चा की गयी. निदेशक प्रो अरविंद कुमार मिश्रा ने कहा कि यह दिन पोखरण परमाणु परीक्षण, त्रिशूल मिसाइल परीक्षण और स्वदेशी हंसा-तीन विमान कार्यक्रम जैसी भारत की ऐतिहासिक तकनीकी उपलब्धियों की स्मृति में मनाया जाता है. खाद्य, जल और ऊर्जा सुरक्षा के साथ सतत विकास सुनिश्चित करने में प्रौद्योगिकी की अहम भूमिका है. उन्होंने स्वदेशी अनुसंधान, नवाचार और टिकाऊ तकनीकों के जरिए आत्मनिर्भर भारत के निर्माण पर बल दिया. वहीं स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकी, कोयला गैसीकरण, कोयले से मेथनॉल एवं एथनॉल उत्पादन, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वचालन और एआइ के बढ़ते उपयोग को भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया. वहीं डॉ मुरारी प्रसाद रॉय ने मुख्य अतिथि का परिचय दिया.

इस्पात और ऊर्जा क्षेत्र में तकनीक की भूमिका अहम

प्रिय रंजन मुख्य अतिथि बीएसएल के निदेशक प्रभारी प्रिय रंजन ने इस्पात एवं ऊर्जा क्षेत्रों में आधुनिक तकनीकों की भूमिका पर अपने विचार रखे. उन्होंने कहा कि डिजिटल रूपांतरण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, पूर्वानुमानात्मक रखरखाव, डिजिटल निगरानी प्रणाली और स्वचालन भविष्य के औद्योगिक विकास की आधारशिला बन चुके हैं. उन्होंने कहा कि भारत को आयातित कच्चे माल पर निर्भरता कम कर स्वदेशी तकनीकों को बढ़ावा देना होगा. उन्होंने वैश्विक चुनौतियों और भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच आत्मनिर्भर ऊर्जा समाधान, कोयला लाभकारीकरण, हाइड्रोजन उपयोग और कोयला गैसीकरण तकनीकों के विकास की जरूरत बतायी. इंजी. अमर नाथ ने धन्यवाद ज्ञापन किया. मंच संचालन प्रीति मिश्रा ने किया.

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By ASHOK KUMAR

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