सितंबर में पावर सेक्टर को रोज 312 रैक कोयला भेजने का लक्ष्य, BCCL को 18 रैक प्रतिदिन करनी होगी लोडिंग

पावर सेक्टर को कोयले की निर्बाध आपूर्ति के लिए कोल इंडिया ने सितंबर में रैक लोडिंग का बड़ा लक्ष्य तय किया है. जानिए कोल इंडिया की विभिन्न सहायक कंपनियों पर कितना दबाव रहेगा और कौन सी कंपनी कितना कोयला लोड करेगी.

धनबाद. पावर सेक्टर को कोयले की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कोयला मंत्रालय ने सितंबर में कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनियों के लिए रैक लोडिंग का लक्ष्य तय किया है. सितंबर में कोल इंडिया को पावर सेक्टर के लिए प्रतिदिन 312 रैक कोयला लोड करना होगा. इसमें झारखंड की प्रमुख कोयला कंपनियों बीसीसीएल और सीसीएल की भी अहम भूमिका रहेगी.

बीसीसीएल को सितंबर में रोज 18 रैक पावर सेक्टर के लिए लोड करने का लक्ष्य दिया गया है. वहीं सीसीएल को 46 रैक और ईसीएल को 23 रैक प्रतिदिन लोडिंग करनी होगी. कोल इंडिया की कंपनियों में सबसे बड़ा लक्ष्य एमसीएल को मिला है, जिसे रोज 100 रैक भेजने होंगे. एनसीएल को 41, एसईसीएल को 53 और डब्ल्यूसीएल को 31 रैक प्रतिदिन उपलब्ध कराने का लक्ष्य दिया गया है.

पावर सेक्टर को कोयले की आपूर्ति बढ़ाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है. हालिया आंकड़ों के अनुसार अगस्त में कोल इंडिया की पावर सेक्टर को कोयला आपूर्ति सालाना आधार पर 4.5 फीसदी बढ़कर 48.46 मिलियन टन रही.

अगस्त के मुकाबले सितंबर में बढ़ेगा दबाव

अगस्त में 24 तारीख तक कोल इंडिया की पावर सेक्टर के लिए वास्तविक रैक लोडिंग 289 रैक प्रतिदिन रही थी, जबकि महीने का प्लान 312 रैक प्रतिदिन का था. सितंबर में भी 312 रैक प्रतिदिन का लक्ष्य रखा गया है.

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इस तरह अगस्त की वास्तविक उपलब्धि की तुलना में सितंबर में कोल इंडिया को करीब 23 रैक प्रतिदिन अधिक लोडिंग करनी होगी. हालांकि बीसीसीएल के लिए यह अंतर काफी कम है. अगस्त में बीसीसीएल की वास्तविक रैक लोडिंग 17.8 रैक प्रतिदिन रही थी, जबकि सितंबर का लक्ष्य 18 रैक है. यानी बीसीसीएल को अपनी अगस्त की उपलब्धि से करीब 0.2 रैक प्रतिदिन अधिक लोडिंग करनी होगी.

सीसीएल और एनसीएल पर ज्यादा दबाव

कंपनीवार आंकड़ों पर नजर डालें तो सीसीएल को अगस्त की तुलना में सितंबर में रैक लोडिंग में अधिक बढ़ोतरी करनी होगी. अगस्त में सीसीएल की वास्तविक लोडिंग 41.8 रैक प्रतिदिन रही थी, जबकि सितंबर का लक्ष्य 46 रैक है. यानी उसे करीब 4.2 रैक प्रतिदिन अतिरिक्त लोडिंग करनी होगी.

सबसे बड़ा अंतर एनसीएल के मामले में है. अगस्त में एनसीएल की वास्तविक लोडिंग 31.8 रैक प्रतिदिन रही थी, जबकि सितंबर में उसे 41 रैक प्रतिदिन का लक्ष्य दिया गया है. इस तरह एनसीएल को करीब 9.2 रैक प्रतिदिन की बढ़ोतरी करनी होगी.

एमसीएल को रोज भेजने होंगे 100 रैक

सितंबर में एमसीएल को सबसे अधिक 100 रैक प्रतिदिन लोड करने का लक्ष्य मिला है. अगस्त में उसकी वास्तविक लोडिंग 96.4 रैक प्रतिदिन रही थी. यानी उसे भी अगस्त की उपलब्धि से ऊपर जाकर लक्ष्य हासिल करना होगा.

इसी तरह एसईसीएल को अगस्त की 47.1 रैक प्रतिदिन की वास्तविक लोडिंग से बढ़ाकर सितंबर में 53 रैक प्रतिदिन करना होगा. ईसीएल के लिए अगस्त की 22.8 रैक प्रतिदिन की उपलब्धि के मुकाबले सितंबर का लक्ष्य 23 रैक है.

सितंबर में कंपनियों को रोज रैक लोडिंग का लक्ष्य

कंपनीसितंबर का लक्ष्य
एमसीएल100 रैक
सीसीएल46 रैक
एनसीएल41 रैक
एसईसीएल53 रैक
डब्ल्यूसीएल31 रैक
ईसीएल23 रैक
बीसीसीएल18 रैक
कोल इंडिया कुल312 रैक

आंकड़े प्रतिदिन की रैक लोडिंग के लक्ष्य से संबंधित हैं.

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By अमर कुमार यादव

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