बीसीसीएल बरोरा एरिया के एएमपी कोलियरी स्थित फीडर ब्रेकर में ऑपरेटर चंद्रदेव बेलदार की छह सितंबर को इलाज के दौरान मौत हो गयी. मौत की सूचना मिलने के बाद आश्रित को तत्काल नियोजन देने की मांग को लेकर परिजनों, श्रमिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने बरोरा क्षेत्रीय कार्यालय में आंदोलन शुरू कर दिया. प्रबंधन द्वारा तत्काल नियोजन देने में असमर्थता जताये जाने के बाद मजदूर नेताओं ने परियोजना का उत्पादन और डिस्पैच ठप करने की चेतावनी दी.
वार्ता के बाद बनी सहमति
आंदोलन के बाद प्रबंधन और यूनियन प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हुई. वार्ता में मृतक के आश्रित को तत्काल नियोजन देने पर सहमति बनी. इसके बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया. सहमति के तहत मृतक के छोटे पुत्र सुनील चौहान को तत्काल प्राविधिक नियोजन का पत्र सौंपा गया.
समझौते के अनुसार नियोजन की तिथि से 90 दिनों के भीतर सभी आवश्यक दस्तावेज कार्यालय में जमा करने होंगे. दस्तावेज जमा होने और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थायी नियोजन की प्रक्रिया आगे बढ़ायी जायेगी.
छुट्टी के दौरान अचानक बिगड़ी थी तबीयत
जानकारी के अनुसार चंद्रदेव बेलदार ने 29 अगस्त को अंतिम उपस्थिति दर्ज की थी. इसके बाद छुट्टी के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गयी. उन्हें पहले बाघमारा में उपचार के लिए ले जाया गया. वहां से उन्हें सीएचडी धनबाद भेजा गया. बाद में एक सितंबर को असर्फी अस्पताल, धनबाद रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान छह सितंबर को उनकी मौत हो गयी.
यूनियन प्रतिनिधियों ने उठायी नियोजन की मांग
मौत की सूचना मिलने के बाद परिजनों और श्रमिक संगठनों ने आश्रित को नियोजन देने की मांग को लेकर बरोरा क्षेत्रीय कार्यालय में आंदोलन शुरू किया. मजदूर नेताओं का कहना था कि मृत कर्मी के परिवार के हित में नियोजन की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जानी चाहिए. प्रबंधन के साथ हुई वार्ता में सहमति बनने के बाद विवाद का समाधान हुआ और आश्रित को प्राविधिक नियोजन का पत्र दिया गया.
वार्ता में बरोरा एजीएम टीएस चौहान, जेके झा, संतोष गोराई, मंगल हेंब्रम, अमरेंद्र कुमार, गणेश सिंह, एनडी पांडेय, सुमन पांडेय, उदय चौहान, नवल किशोर महतो, प्रेमलाल रजवार, अनूप चौहान, एचएन गांधी समेत अन्य यूनियन प्रतिनिधि मौजूद थे.
