झारखंड हाईकोर्ट ने अवमानना के एक मामले में राज्य सरकार को पुराने आदेश के अनुपालन के लिए आखिरी मौका दिया है. न्यायमूर्ति अनिल कुमार चौधरी की अदालत ने फहीम खान की ओर से दायर केस की सुनवाई करते हुए राज्य की ओर से मांगे गये समय को अंतिम अवसर के रूप में स्वीकार किया.
आदेश के अनुपालन के लिए मांगी थी मोहलत
मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने अदालत से सात नवंबर 2025 को पारित आदेश के अनुपालन के लिए समय देने का आग्रह किया था. अदालत ने समय देने की प्रार्थना स्वीकार करते हुए स्पष्ट किया कि यह अंतिम अवसर है.
अदालत ने अपने सात अगस्त 2026 के आदेश में मामले को दो सप्ताह बाद फिर सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया. अब अगली सुनवाई में राज्य की ओर से पूर्व में पारित आदेश के अनुपालन की स्थिति अदालत के समक्ष रखी जायेगी.
याचिकाकर्ता की ओर से वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार और अजीत कुमार सिन्हा ने अदालत में पक्ष रखा, जबकि राज्य की ओर से एएजी-III आशुतोष आनंद एवं रिशि भारती उपस्थित रहीं।
