साइबर अपराधियों ने मैथन क्षेत्र की मेंढ़ा पंचायत के मुखिया मनोज राउत का व्हाट्सएप कथित रूप से हैक कर उनके परिचितों से पैसे मांगने शुरू कर दिये. अपराधियों की ओर से भेजे गये मैसेज में मुखिया के बीमार होने और अस्पताल में भर्ती होने की बात कही जा रही थी. लोगों का भरोसा जीतने के लिए अस्पताल से संबंधित तस्वीरें भी भेजी गयीं. कुछ परिचितों ने इन मैसेज पर भरोसा कर ऑनलाइन पैसे भेज दिये.
मामले की जानकारी मिलने के बाद मुखिया मनोज राउत ने मैथन पुलिस को इसकी सूचना दी और अपना मोबाइल मैथन ओपी में जमा करा दिया. पुलिस ने मोबाइल को तकनीकी जांच के लिए साइबर सेल भेज दिया है. साइबर सेल की मदद से पुलिस व्हाट्सएप अकाउंट तक पहुंच बनाने वाले लोगों की पहचान और उनके ठिकाने का पता लगाने का प्रयास कर रही है.
बीमारी का मैसेज भेजकर मांगी रकम
जानकारी के अनुसार, साइबर अपराधी मुखिया के व्हाट्सएप अकाउंट से उनके परिचितों को लगातार मैसेज भेज रहे थे. मैसेज में बताया जा रहा था कि मुखिया की तबीयत खराब है और वह अस्पताल में भर्ती हैं. इसके बाद इलाज के लिए तत्काल पैसों की जरूरत बताते हुए ऑनलाइन रकम भेजने का आग्रह किया जा रहा था. अस्पताल से जुड़ी तस्वीरें भेजे जाने के कारण कई लोगों को मैसेज वास्तविक लगा.
कुछ लोगों ने भेजे ऑनलाइन पैसे
मुखिया मनोज राउत पंचायत और आसपास के क्षेत्रों में परिचित हैं. इस वजह से उनके नंबर से आये मैसेज पर कुछ लोगों ने भरोसा कर लिया. बताया गया कि कुछ लोगों ने ऑनलाइन रकम भी भेज दी. वहीं, कुछ लोग नकद पैसे लेकर मुखिया के घर पहुंच गये. वहां पहुंचने पर उन्हें पता चला कि मुखिया ने किसी से पैसे नहीं मांगे थे. इसके बाद व्हाट्सएप अकाउंट हैक होने की जानकारी सामने आयी.
साइबर सेल कर रहा तकनीकी जांच
मामले की सूचना मिलते ही मुखिया ने अपना मोबाइल पुलिस को सौंप दिया. पुलिस ने इसे साइबर सेल भेजकर जांच शुरू करायी है. तकनीकी जांच के माध्यम से पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि व्हाट्सएप अकाउंट तक अपराधियों ने कैसे पहुंच बनायी और किन माध्यमों से परिचितों को मैसेज भेजे गये.
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी परिचित के नाम से बीमारी, अस्पताल में भर्ती होने या तत्काल आर्थिक मदद से संबंधित मैसेज मिलने पर पहले फोन कर इसकी पुष्टि करें. बिना सत्यापन के किसी खाते या यूपीआइ पर पैसे ट्रांसफर नहीं करें.
