55 लाख में जमीन लीज का सवाल, हर्ल ने विधानसभा समिति को सौंपे 695 एकड़ के सभी दस्तावेज

हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (हर्ल) ने झारखंड विधानसभा की विशेष समिति को एफसीआइएल की 695 एकड़ जमीन के हस्तांतरण से जुड़े सभी दस्तावेज उपलब्ध करा दिए हैं. इसमें 55 साल की लीज अवधि, वार्षिक किराये और मुद्रांक व निबंधन शुल्क से छूट का विवरण शामिल है.

धनबाद. झारखंड विधानसभा की विशेष समिति के प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण से जुड़े सवालों के जवाब में हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (हर्ल), सिंदरी ने एफसीआइएल की 695 एकड़ जमीन के हस्तांतरण से संबंधित दस्तावेज जिला प्रशासन को उपलब्ध कराये हैं. रांची में हुई बैठक में हर्ल की ओर से प्रस्तुत प्रतिवेदन में जमीन हस्तांतरण की मंजूरी, 55 वर्ष की लीज अवधि, वार्षिक किराये, मुद्रांक एवं निबंधन शुल्क से छूट और इससे जुड़े दस्तावेजों का विवरण दिया गया है.

2018 में जमीन हस्तांतरण को मिली थी मंजूरी

हर्ल के प्रतिवेदन के अनुसार, 18 जनवरी 2018 को हुई आइएमसी की बैठक में सिंदरी परियोजना के लिए एफसीआइएल सिंदरी की 695 एकड़ जमीन हर्ल को हस्तांतरित करने की मंजूरी दी गयी थी. इसी बैठक में जमीन को 55 वर्ष की लीज पर देने और एक लाख रुपये वार्षिक लीज किराया निर्धारित करने का निर्णय लिया गया था. हर्ल ने बैठक में लिये गये निर्णय की प्रति भी समिति के समक्ष उपलब्ध करायी है.

पुनर्स्थापन योजना के तहत दी गयी जमीन

प्रतिवेदन में 9 अगस्त 2018 की कैबिनेट बैठक के निर्णय का भी उल्लेख किया गया है. हर्ल के अनुसार, सीसीइए के फैसले के आधार पर एफसीआइएल की गोरखपुर और सिंदरी इकाइयों तथा एचएफसीएल की बरौनी इकाई के पुनर्स्थापन के लिए हर्ल को कुल 1,773 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की मंजूरी दी गयी थी. इसमें सिंदरी की 695 एकड़ जमीन भी शामिल थी.

कंपनी ने समिति को दिये जवाब में सिंदरी की जमीन के हस्तांतरण को इसी व्यापक पुनर्स्थापन योजना का हिस्सा बताया है.

मुद्रांक और निबंधन शुल्क से छूट का भी उल्लेख

जमीन के लीज दस्तावेज पर लगने वाले मुद्रांक और निबंधन शुल्क से छूट का भी प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया है. हर्ल के अनुसार, 6 मार्च 2018 को मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद की बैठक में उक्त जमीन के लीज दस्तावेज पर दोनों शुल्क से छूट देने की स्वीकृति दी गयी थी. कंपनी ने संबंधित स्वीकृति की प्रति भी समिति को दिये जवाब के साथ संलग्न की है.

लीज डीड और कंसेशन एग्रीमेंट भी सौंपे

हर्ल ने समिति को केवल सरकारी निर्णयों का ब्योरा ही नहीं दिया, बल्कि जमीन हस्तांतरण से संबंधित अभिलेखों की प्रतियां भी उपलब्ध करायी हैं. इनमें लीज डीड, कंसेशन एग्रीमेंट समेत अन्य दस्तावेज शामिल हैं.

कंपनी के अनुसार, विधानसभा की विशेष समिति के प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण के तहत मांगी गयी जानकारी के जवाब में ये अभिलेख उपलब्ध कराये गये हैं. इससे समिति के पास जमीन हस्तांतरण, लीज अवधि, वार्षिक किराये और शुल्क छूट से जुड़े फैसलों का दस्तावेजी रिकॉर्ड उपलब्ध हो गया है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Shobhit ranjan

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >