इस्लाम के आखिरी संदेशवाहक पैगंबर मोहम्मद साहब के दुनिया में आगमन की खुशी में बुधवार को 12 रबी उल अव्वल के मौके पर कोयलांचल में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया. बूंदाबांदी के बावजूद सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग जुलूस में शामिल हुए. हाथों में इस्लामी हरे झंडे और तिरंगा लिये लोग सरकार की आमद मरहबा, दिलदार की आमद मरहबा और आका की आमद मरहबा के नारे लगाते रहे.
श्रमिक चौक पर भव्य मंच और आकर्षक सजावट
श्रमिक चौक, रांगाटांड़ के समीप नौजवान कमेटी पुराना बाजार की ओर से भव्य मंच बनाया गया था. मंच को आकर्षक ढंग से सजाया गया था. जुलूस में शामिल लोगों पर पुष्पवर्षा की गयी और फल वितरित किये गये. श्रमिक चौक के पास विशाल एलइडी स्क्रीन भी लगायी गयी थी. जुलूस की गतिविधियों पर ड्रोन कैमरे से निगरानी रखी गयी, जबकि कार्यक्रम का यूट्यूब पर लाइव प्रसारण किया गया.
पेयजल, प्राथमिक उपचार और एंबुलेंस की व्यवस्था
जुलूस में शामिल लोगों की सुविधा के लिए कमेटी की ओर से पेयजल, प्राथमिक उपचार और एंबुलेंस की व्यवस्था की गयी थी. यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए कमेटी के सदस्य यातायात पुलिस के साथ सड़क पर तैनात रहे. इसका उद्देश्य जुलूस के दौरान राहगीरों को आवागमन में परेशानी से बचाना था.
16 वर्षों से सामाजिक कार्यों में सक्रिय है कमेटी
नौजवान कमेटी पुराना बाजार के संस्थापक सोहराब खान और इमरान अली ने बताया कि कमेटी पिछले 16 वर्षों से सामाजिक कार्यों में सक्रिय है. उन्होंने कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब का संदेश किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए है. उनके अनुसार पैगंबर साहब ने क्षमा, दया, करुणा, त्याग, प्रेम, शांति, शिक्षा, अमन, सौहार्द, भाईचारे और मानवता का संदेश दिया.
उन्होंने कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब के बताये रास्ते पर चलकर बेहतर और मुकम्मल इंसान बनने की प्रेरणा मिलती है.
