धनबाद से प्रतीक पोपट की रिपोर्ट
Dhanbad Smart Meter: झारखंड के धनबाद में स्मार्ट बिजली मीटर अब लोगों के लिए मुसीबत का सबब बनता जा रहा है. बुधवार को जिले के कई इलाकों में अचानक बिजली आपूर्ति ठप होने से उपभोक्ताओं में आक्रोश देखने को मिला. बिना पूर्व सूचना बिजली कटने से लोगों को रोजमर्रा के काम निपटाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
हीरापुर में सैकड़ों घरों की बत्ती गुल
धनबाद के हीरापुर इलाके में स्थिति सबसे ज्यादा खराब रही. यहां एक ही फीडर से जुड़े सैकड़ों घरों की बिजली एक साथ काट दी गई. जैसे ही लोगों को इस बात की जानकारी मिली, वे बड़ी संख्या में बिजली कार्यालय पहुंच गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया. उपभोक्ताओं का आरोप है कि विभाग ने बिना किसी सूचना के यह कदम उठाया, जो पूरी तरह गलत है.
भारी-भरकम बिल ने बढ़ाई परेशानी
कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिजली बिल में भारी बढ़ोतरी हो गई है. एक उपभोक्ता ने बताया कि चार महीने पहले उनके घर में स्मार्ट मीटर लगाया गया था, लेकिन अब उन्हें एक लाख रुपये से अधिक का बिल थमा दिया गया. बिल जमा नहीं करने पर उनकी बिजली काट दी गई, जिससे वे काफी परेशान हैं.
शिकायत के बावजूद नहीं मिल रहा समाधान
लोगों का कहना है कि वे कई बार विभाग में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है. हर बार उन्हें केवल आश्वासन दिया जाता है. कुछ उपभोक्ताओं ने बताया कि वे नियमित रूप से बिल जमा कर रहे हैं, इसके बावजूद उनकी बिजली काट दी गई, जो बेहद चिंताजनक है.
रिचार्ज और लिंक फेल की समस्या
स्मार्ट मीटर में तकनीकी समस्याएं भी सामने आ रही हैं. उपभोक्ताओं का कहना है कि मीटर में रिचार्ज करने में दिक्कत हो रही है. जब वे भुगतान करने बिजली कार्यालय पहुंचे, तो वहां लिंक फेल होने की बात कहकर उन्हें वापस लौटा दिया गया. इससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है.
बिना जांच के कनेक्शन काटने का आरोप
लोगों का आरोप है कि विभाग बिना सही जांच के ही कनेक्शन काट रहा है. स्मार्ट मीटर लगने के बाद से अनियमित और ज्यादा बिल आ रहे हैं, जिससे आम उपभोक्ता परेशान हैं. लोगों ने मांग की है कि विभाग पहले मीटर की सही जांच करे और फिर ही कोई कार्रवाई करे.
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अधिकारियों की गैर-मौजूदगी पर उठे सवाल
हैरानी की बात यह रही कि जब इस पूरे मामले पर बिजली विभाग के अधिकारियों से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, तो कार्यालय में कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं मिले. इससे उपभोक्ताओं का गुस्सा और बढ़ गया. लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे.
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