धनबाद से नीरज अंबष्ट की रिपोर्ट
Dhanbad News: झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने अपराधियों के धमकी भरे वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए जाने पर गहरी चिंता और खेद व्यक्त किया है. एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू ने कहा कि जब कोई अपराधी वीडियो बनाकर राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को खुली चुनौती देता है, तो वह केवल किसी व्यक्ति को नहीं बल्कि संविधान और कानून व्यवस्था को चुनौती देता है. उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा ऐसे वीडियो को लाइक, शेयर या पोस्ट करना अनजाने में अपराधियों का महिमामंडन करता है. इससे समाज में यह संदेश जाता है कि कानून से बड़ा बाहुबल है, जिससे पुलिस बल का मनोबल प्रभावित होता है.
अपराधियों के वीडियो का न हो इस्तेमाल
एसोसिएशन ने कहा कि किसी भी अधिकारी या कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से की जा सकती है, इसके लिए अपराधियों के वीडियो का सहारा लेना उचित नहीं है. बयान में यह भी कहा गया कि अपराधी भय फैलाने के उद्देश्य से ऐसे वीडियो जारी करते हैं और उन्हें प्रचारित करना उनकी मंशा को मजबूत करता है. झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने सरकार और संबंधित प्राधिकारों से मांग की है कि अपराधियों के महिमामंडन में शामिल लोगों पर भी साइबर विंग सख्त कार्रवाई करे, जिससे कि राज्य में शांति और भयमुक्त माहौल कायम रह सके.
कांग्रेस नेता वैभव सिन्हा ने लगाया आरोप
कांग्रेस नेता वैभव सिन्हा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी किया है और साथ ही बयान जारी कर बताया है कि झारखंड की राजनीति का शायद यह सबसे दुर्भाग्यपूर्ण दौर है, जब भाजपा का एक वरिष्ठ नेता पाकिस्तान में बैठे एक अपराधी के कथित वीडियो को आधार बनाकर पूरे प्रशासनिक तंत्र, पुलिस व्यवस्था और राज्य सरकार की छवि धूमिल करने में जुट गया है. यह केवल गैर-जिम्मेदाराना राजनीति नहीं, बल्कि अपराधियों का मनोबल बढ़ाने वाला बेहद खतरनाक प्रयास है. वहीं उन्होंने सवाल खड़े किये हैं कि कानून के शासन के साथ या उन अपराधियों और माफियाओं के साथ जिनके खिलाफ प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है? एक फरार और कुख्यात अपराधी विदेश में बैठकर वीडियो जारी करता है, और भाजपा उसे लगभग “चार्जशीट” की तरह प्रचारित करने लगती है. क्या अब झारखंड में जांच एजेंसियों की जगह अपराधियों के वीडियो तय करेंगे कि कौन ईमानदार है और कौन दोषी? यदि यही मानक है, तो कल कोई भी अपराधी किसी भी अधिकारी, मंत्री या नेता पर आरोप लगाकर राजनीतिक माहौल दूषित कर सकता है. इसके अलावा भी सोशल मीडिया पर कई तरह के प्रतिक्रिया आ रहा है और लोगों का कहना है एक भगोड़ा अपराधी का वीडियो को परोसना और पुलिस के चरित्र पर अंगुली उठाना गलत है.
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