धनबाद. प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-अभिम) के तहत स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए मिली राशि के खर्च के मामले में धनबाद राज्य के 24 जिलों में 15वें स्थान पर है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में धनबाद को पीएम-अभिम के तहत 33.78 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गये हैं. इसमें से राज्य सरकार ने अब तक 16.56 करोड़ रुपये जारी किये हैं, जबकि 14.62 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. यानी जारी राशि का करीब 88 प्रतिशत उपयोग हो चुका है, लेकिन कुल खर्च के आधार पर धनबाद कई जिलों से पीछे है.
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रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में जारी रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में पीएम-अभिम के तहत 777.20 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गये हैं. इसमें से राज्य सरकार ने 514.44 करोड़ रुपये जारी किये, जबकि 451.27 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. राज्य स्तर पर जारी राशि का करीब 87.7 प्रतिशत उपयोग हो चुका है.
11 जिले धनबाद से आगे
जिलावार खर्च के आंकड़ों में पश्चिमी सिंहभूम सबसे आगे है. यहां पीएम-अभिम के तहत 42.85 करोड़ रुपये खर्च किये गये हैं. गुमला में 37.69 करोड़, पूर्वी सिंहभूम में 30.63 करोड़, गिरिडीह में 29.43 करोड़ और रांची में 29.35 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं.
इसके अलावा पलामू, सिमडेगा, दुमका, गोड्डा, हजारीबाग, देवघर, सरायकेला-खरसावां, साहिबगंज और जामताड़ा भी धनबाद से अधिक राशि खर्च कर चुके हैं. धनबाद के बाद लातेहार, कोडरमा, लोहरदगा, खूंटी, गढ़वा, रामगढ़, पाकुड़ और चतरा का स्थान है.
क्रिटिकल केयर और जांच सुविधाओं का होना है विस्तार
पीएम-अभिम की राशि से जिले में स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किये जाने हैं. इनमें क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण, जिला अस्पताल समेत अन्य सरकारी अस्पतालों में आइसीयू सुविधा विकसित करना, भवनविहीन स्वास्थ्य केंद्रों के लिए भवन निर्माण तथा स्वास्थ्य केंद्रों में डायग्नोस्टिक जांच सुविधाओं का विस्तार शामिल है.
इन योजनाओं का उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में गंभीर मरीजों के इलाज और जांच की सुविधाओं को मजबूत करना है. धनबाद जैसे बड़े औद्योगिक जिले में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर मरीजों का दबाव भी अधिक रहता है. ऐसे में स्वास्थ्य अवसंरचना के लिए स्वीकृत राशि का समय पर और प्रभावी उपयोग महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
योजनाओं की रफ्तार पर खर्च का असर
रिपोर्ट के अनुसार धनबाद में पीएम-अभिम से जुड़ी कई योजनाओं पर काम शुरू हुआ है, लेकिन निर्माण और उपकरणों की व्यवस्था से जुड़े कार्यों की गति अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंची है. योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी का असर राशि के उपयोग पर भी पड़ रहा है. इससे स्वीकृत राशि का पूरा लाभ स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में अभी नहीं मिल पा रहा है.
खर्च के आधार पर जिलों की स्थिति (लाख रुपये में):
जिला खर्च
पश्चिमी सिंहभूम 4285.40
गुमला 3769.12
पूर्वी सिंहभूम 3063.39
गिरिडीह 2942.98
रांची 2935.08
पलामू 2328.50
सिमडेगा 2250.57
दुमका 2213.28
गोड्डा 2176.18
हजारीबाग 2155.00
देवघर 2088.69
सरायकेला-खरसावां 1957.92
साहिबगंज 1944.73
जामताड़ा 1681.28
धनबाद 1461.88
लातेहार 1081.78
कोडरमा 1019.16
लोहरदगा 982.38
खूंटी 967.38
गढ़वा 595.35
रामगढ़ 595.18
पाकुड़ 518.03
चतरा 478.85
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