धनबाद, धनबाद के होटलों में ठहरना अब महंगा हो सकता है. नगर निगम अब होटलों की रूम रेंट पर दो प्रतिशत सेस वसूलेगा. इसे लेकर धनबाद नगर निगम ने मंगलवार को अधिसूचना जारी कर दी है. अधिकारियों के अनुसार, झारखंड सरकार द्वारा लागू झारखंड नगरीय पर्यटक कर नियमावली 2025 के तहत यह व्यवस्था लागू की गयी है.
इस नियम के तहत अब होटल में ठहरने वाले पर्यटकों से नगरीय पर्यटक कर लिया जाएगा, जिसे होटल मालिक नगर निकाय को जमा करेंगे. यह कर कमरे के किराये के साथ-साथ अन्य सेवाओं के कुल मूल्य पर लगेगा, जिसमें जीएसटी शामिल नहीं होगा. अधिकारियों के मुताबिक, शहरी क्षेत्रों में पर्यटन को व्यवस्थित करने और राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से यह नियम राज्य के सभी नगर निकाय क्षेत्रों में लागू किया गया है.होटल मालिकों के लिए अनिवार्य प्रावधान
सभी शहरी होटलों को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य, नए होटल को संचालन शुरू होने के सात दिनों के भीतर पंजीकरण, प्रत्येक होटल को एक विशिष्ट पहचान संख्या (यूआइडी) दी जाएगी व इसी आइडी से पोर्टल पर सभी लेन-देन और रिपोर्टिंग होगी.तिमाही रिटर्न और भुगतान
हर वित्तीय तिमाही के बाद 15 दिनों के भीतर टैक्स जमा करना अनिवार्य, नास्ति डिविजनल पोर्टल के माध्यम से संबंधित नगर निकाय को भुगतान व गड़बड़ी मिलने पर डिमांड नोटिस, अतिरिक्त कर, जुर्माना और ब्याज लगेगा.नियम तोड़े तो कितना जुर्माना
रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर : 5000 रुपये तक जुर्माना, समय पर टैक्स जमा नहीं करने पर : 5000 रुपये तक जुर्माना, देरी पर : 1 % प्रति माह ब्याज व लगातार उल्लंघन पर : 100 प्रतिदिन (अधिकतम 5000).होटल एसोसिएशन ने जताई आपत्ति
इधर, होटल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने नगर निगम के इस निर्णय पर कड़ी आपत्ति जतायी है. एसोसिएशन के सचिव विनय सिंह का कहना है कि नगर निगम को होल्डिंग, ट्रेड लाइसेंस, यूजर चार्ज का भुगतान करते हैं. अब नया कर थोपा जा रहा है. होटल के व्यवसाय की स्थिति ठीक नहीं है. नयी कर लागू होने से इसका प्रतिकूल असर पड़ेगा. होटल एसोसिएशन की जल्द बैठक बुलाई जायेगी और आगे की रणनीति पर चर्चा की जायेगी.नियम का पालन नहीं करनेवालों पर होगी कार्रवाई : नगर आयुक्त
नगर आयुक्त आशीष गंगवार ने कहा कि नगरीय पर्यटक कर लागू कर दिया गया है. इसकी अधिसूचना जारी कर दी गयी है. होटलों से नगर निगम दो प्रतिशत सेस वसूल करेगा. होटल मालिकों को नगर निगम में रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है. जो नियम का पालन नहीं करेंगे, उनपर विधि सम्मत कार्रवाई की जायेगी.