धनबाद, जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभुकों के ई-केवाईसी कार्य की धीमी प्रगति पर जिला प्रशासन ने चिंता जतायी है. जिले में अब तक केवल 75.44 प्रतिशत लाभुकों का ही केवाईसी पूरा हो सका है, जबकि चार लाख 57 हजार 50 लाभुकों का सत्यापन अभी भी लंबित है. गत दिनों जिला आपूर्ति पदाधिकारी पंकज कुमार द्वारा की गयी समीक्षा में यह बात सामने आयी है. जानकारी के अनुसार 20 अप्रैल तक जिले में 74.24 प्रतिशत ई-केवाईसी का काम पूरा हुआ था. वहीं पिछले हफ्ते तक यह बढ़कर 75.44 प्रतिशत तक पहुंचा था. यानी लगभग एक माह में मात्र 0.20 प्रतिशत की वृद्धि ही दर्ज की गयी. इसपर जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए शनिवार को संबंधित अधिकारियों को काम में तेजी लाने का निर्देश दिया. बता दें एक सप्ताह में इसको लेकर रिपोर्ट समर्पित करना है.
गोविंदपुर व तोपचांची में बेहतर प्रदर्शन
प्रखंडवार रिपोर्ट में गोविंदपुर व तोपचांची प्रखंड का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर मिला. गोविंदपुर में 81.9 प्रतिशत व तोपचांची में 83.3 प्रतिशत लाभुकों का ई- केवाईसी पूरा हो चुका है. वहीं धनबाद नगर निगम क्षेत्र में 69.63 प्रतिशत और चिरकुंडा में 69.96 प्रतिशत केवाईसी दर्ज किया गया.
18 लाख से अधिक सदस्यों का होना है सत्यापन
जिले में कुल चार लाख 21 हजार 191 राशन कार्डधारक परिवारों के 18 लाख 61 हजार 280 सदस्य राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से आच्छादित हैं. इनमें से अब तक 14 लाख 4 हजार 230 सदस्यों का केवाईसी पूरा किया जा चुका है.
शत-प्रतिशत केवाईसी सुनिश्चित
करें
जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों एवं पणन पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि ई-पॉस मशीन यानी ‘मेरा ई-केवाईसी एप्लीकेशन’ के माध्यम से शत-प्रतिशत केवाईसी सुनिश्चित करें.
