धनबाद सोसाइटी ऑफ ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी (डॉस्गो) के स्वर्ण जयंती वर्ष पर आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन डॉस्गोकॉन-2026 का समापन रविवार को बैंकमोड़ स्थित एक होटल में हो गया. इसमें देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों ने भाग लिया और महिला स्वास्थ्य से जुड़े आधुनिक उपचार, नई तकनीक व चुनौतियों पर अपने अनुभव साझा किये. कार्यक्रम में वैज्ञानिक सत्र, पैनल डिस्कशन, की-नोट एड्रेस और ओरेशन के विभिन्न सत्र हुए. आयोजन में डॉस्गो की टीम, डिजिटल पार्टनर वर्टिकल एनालिटिका और सॉफ्टवेयर पार्टनर ड्रायफ्ट डायनेमिक्स की अहम भूमिका रही.
इनफर्टिलिटी, मेनोपॉज और कैंसर स्क्रीनिंग पर विशेषज्ञों ने रखे विचार
दूसरे दिन की शुरुआत गर्भ संस्कार सत्र से
दूसरे दिन के कार्यक्रम की शुरुआत गर्भ संस्कार सत्र से हुई, जिसमें गर्भावस्था के दौरान मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर चर्चा करते हुए इसपर विशेष ध्यान देने की बात कही गयी. वहीं वैज्ञानिक सत्र में कॉन्ट्रासेप्टिव इम्प्लांट्स, महिलाओं में मोटापा, पुरुष गर्भनिरोधक आरआइएसयूजी, प्रीटर्म लेबर, एंडोमेट्रियोसिस, मेनोपॉज और एचआरटी जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिये. सम्मेलन में “केस बेस्ड इनफर्टिलिटी मैनेजमेंट” पर पैनल डिस्कशन हुआ, जिसमें विभिन्न जटिल मामलों पर विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किये. इसके अलावा प्रेग्नेंसी में स्किन डिसऑर्डर, क्रोनिक पेल्विक पेन, प्री-एक्लेमप्सिया स्क्रीनिंग और प्रेग्नेंसी में आइटीपी जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई. महिला कैंसर से जुड़े वैज्ञानिक सत्र में ओवेरियन कैंसर मैनेजमेंट, अलग-अलग गायनेकोलॉजिकल कैंसर की स्क्रीनिंग तथा रोबोटिक सर्जरी की भूमिका पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी.
आधुनिक तकनीक और रोबोटिक सर्जरी पर विशेष फोकस
सम्मेलन में डिजिटल हेल्थ और आधुनिक चिकित्सा तकनीक पर भी जोर दिया गया. ओपीडी प्रैक्टिस के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन विषय पर मरीजों की सुविधा, बेहतर क्लिनिकल एक्सपीरियंस और अस्पताल प्रबंधन में तकनीक की भूमिका पर चर्चा हुई. रोबोटिक सर्जरी, एंडोमेट्रियोसिस और पेल्विक डिसऑर्डर के उपचार में नई संभावनाओं पर विशेषज्ञों ने प्रस्तुति दी.