धनबाद, सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा के निर्देश पर शुक्रवार को आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का औचक निरीक्षण किया गया. सिविल सर्जन के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने जिले के विभिन्न केंद्रों का दौरा किया. कई जगहों पर स्वयं सिविल सर्जन भी पहुंचे. लगभग 50 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की जांच की गयी, जिनमें से करीब 35 केंद्र या तो पूरी तरह बंद पाए गए या वहां तैनात कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) अनुपस्थित मिले.
सीएचओ को शोकॉज नोटिस, वेतन रोकने की चेतावनी
टीम ने कई स्थानों पर ताले लटके देखे. जबकि कुछ केंद्रों पर मरीजों के बावजूद सीएचओ मौजूद नहीं थे. स्थानीय लोगों ने भी शिकायत की कि अक्सर केंद्र समय पर नहीं खुलते और उन्हें इलाज के लिए दूर जाना पड़ता है. निरीक्षण के बाद सभी संबंधित कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसरों को सिविल सर्जन कार्यालय में तलब किया गया. डॉ विश्वकर्मा ने सभी से स्पष्टीकरण मांगा और अनुपस्थिति को गंभीर लापरवाही बताते हुए कड़ी नाराजगी जतायी. उन्होंने सभी सीएचओ को शोकॉज नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.इस संबंध में सीएस डॉ विश्वकर्मा ने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सुलभ स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं है. संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सीएचओ का वेतन कटौती की जायेगी.
