Dhanbad News: सुधरेगी बिजली व्यवस्था, लगेंगे आधुनिक पॉलीमर इंसुलेटर

आंधी-तूफान और बिजली गिरने की स्थिति में बार-बार इंसुलेटर के क्षतिग्रस्त होने की समस्या से मिलेगा छुटकारा. योजना को लेकर 33 केवी और 11 केवी लाइनों का सर्वे शुरू.

शहर की बिजली व्यवस्था को अधिक मजबूत और विश्वसनीय बनाने के लिए झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) ने खास तैयारी शुरू की है. इसके तहत धनबाद इलेक्ट्रिक सप्लाइ एरिया में 33 केवी और 11 केवी लाइनों में लगे पुराने पारंपरिक पोर्सिलेन इंसुलेटर को हटाकर उनकी जगह आधुनिक पॉलीमर इंसुलेटर लगाये जायेगे. इस संबंध में महाप्रबंधक अशोक कुमार सिन्हा ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किये हैं.

ज्ञात हो कि विभागीय मॉनिटरिंग व समीक्षा बैठकों में यह बात सामने आयी कि खराब मौसम, खासकर आंधी-तूफान व वज्रपात के कारण इंसुलेटर बार-बार क्षतिग्रस्त हो रहे हैं. इससे बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है. जांच में पाया गया कि अधिकांश खराबी लंबे समय से उपयोग में आ रहे पुराने और जर्जर पोर्सिलेन इंसुलेटर के कारण हो रही है.

जीएम ने दिया विस्तृत सर्वेक्षण का निर्देश

इस संबंध में महाप्रबंधक री सिन्हा ने अधीक्षण अभियंता व विभिन्न डिविजनों के कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया है कि वे 33 केवी और 11 केवी लाइनों का विस्तृत सर्वेक्षण कर पुराने व खराब इंसुलेटर लगे स्थानों की पहचान करें. साथ ही ऐसे फीडरों को चिह्नित करें, जो खराब मौसम या वज्रपात के दौरान सबसे अधिक प्रभावित होते हैं.

चरणबद्ध तरीके से बदले जायेंगे इंसुलेटर

विभाग की ओर से इंसुलेटर बदलने का काम चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा. पहले उन फीडरों को प्राथमिकता दी जाएगी जो अधिक संवेदनशील हैं और बार-बार प्रभावित होते हैं.

रिपोर्ट जल्द सौंपने के निर्देश

सभी डिवीजनों को निर्देश दिया गया है कि वे डिवीजनवार जरूरत, प्राथमिकता वाले क्षेत्र और कार्यान्वयन की योजना तैयार कर जल्द मुख्यालय को रिपोर्ट सौंपें.

पॉलीमर इंसुलेटर की खासियत

– हल्के और मजबूत होते हैं, इससे इंस्टॉलेशन आसान होता है.

– बारिश, धूल और प्रदूषण का कम असर पड़ता है.

– बिजली गिरने और ओवरवोल्टेज के दौरान बेहतर प्रदर्शन.

– टूटने या क्षतिग्रस्त होने की संभावना कम.

– रखरखाव (मेंटेनेंस) की जरूरत कम पड़ती है.

– लंबे समय तक टिकाऊ और विश्वसनीय.

– फ्लैशओवर की संभावना कम, जिससे बिजली बाधित नहीं होती.

– जंग या नमी का प्रभाव नहीं पड़ता.

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By ASHOK KUMAR

ASHOK KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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