Dhanbad News: नये निर्देश लागू, लाभुकों का बायोमीट्रिक सत्यापन जरूरी
Dhanbad News: सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में पारदर्शिता बढ़ाने और फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगाने के लिए सरकार ने नया राशन कार्ड जारी करने से पहले परिवार के सभी सदस्यों का ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया गया है. प्रभारी जिला आपूर्ति पदाधिकारी (डीएसओ) तेज कुमार हस्सा ने बताया कि राशन कार्ड पोर्टल पर नये निर्देश लागू कर दिये गये हैं. बिना ई-केवाईसी के नये आवेदनों पर आगे कार्रवाई नहीं की जायेगी.
राशन कार्ड में नाम जोड़ने के लिए भी जरूरी होगा सत्यापन
विभागीय अधिकारी के अनुसार राशन कार्ड में नये सदस्य का नाम जोड़ने के लिए भी ई-केवाईसी कराना अनिवार्य होगा. आवेदन के साथ संबंधित सदस्य का आधार सत्यापन और बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण पूरा होने के बाद ही नाम जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. इससे रिकॉर्ड को अद्यतन और पारदर्शी बनाये रखने में मदद मिलेगी.
धनबाद में 4.57 लाख लाभुकों का इ-केवाईसी लंबित
धनबाद जिले में ई-केवाईसी अभियान के बावजूद बड़ी संख्या में लाभुकों का सत्यापन लंबित है. हालिया समीक्षा के अनुसार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत पंजीकृत लाभुकों में से करीब 75.44 प्रतिशत का ही ई-केवाईसी पूरा हो पाया है. जिले में अब भी चार लाख 57 हजार 50 लाभुकों का सत्यापन नहीं हो पाया है. जनवरी 2026 में यह संख्या 4.89 लाख थी.
क्या है इ-केवाईसी की प्रक्रिया
ई-केवाईसी के तहत परिवार के प्रत्येक सदस्य का आधार नंबर दर्ज किया जाता है. इसके बाद फिंगरप्रिंट, आइरिस स्कैन अथवा आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से पहचान का सत्यापन किया जाता है. इस प्रक्रिया का उद्देश्य फर्जी राशन कार्ड, डुप्लीकेट लाभार्थियों और अपात्र व्यक्तियों को मिलने वाले लाभ पर रोक लगाना है.
आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान
खाद्य आपूर्ति विभाग ने लाभुकों से अपील की है कि वे आधार कार्ड में दर्ज नाम, जन्मतिथि और अन्य विवरण सही रखें तथा मोबाइल नंबर आधार से लिंक अवश्य करायें. यदि आधार में किसी प्रकार की त्रुटि है तो पहले उसे सुधारना जरूरी है, अन्यथा ई-केवाईसी में परेशानी आ सकती है. जिनका राशन कार्ड में नाम जोड़ना है, उन्हें भी नजदीकी पीडीएस डीलर के पास जाकर ई-केवाईसी कराना होगा.
30 जून तक विशेष अभियान
राज्य सरकार और जिला प्रशासन की ओर से 30 जून तक ई-केवाईसी को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है. अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल सत्यापन से पीडीएस व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी और सरकारी खाद्यान्न व अन्य योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच सकेगा.
Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.