Dhanbad judge Death Case में सीबीआइ ने दर्ज की प्राथमिकी, जांच शुरू, जानें मामले में अब तक क्या-क्या आया सामने

सीबीआइ की 20 सदस्यीय टीम आज पहुंचेगी धनबाद. दिल्ली स्पेशल क्राइम ब्रांच-1 ने धारा 302 के तहत दर्ज किया मामला. धनबाद थाना में जज की पत्नी कृति सिन्हा के बयान पर दर्ज केस को बनाया आधार

By Prabhat Khabar | August 5, 2021 6:52 AM

Dhanbad ADJ Uttam anand death Case धनबाद : धनबाद सिविल कोर्ट के जज उत्तम आनंद की मौत मामले में बुधवार को सीबीआइ की दिल्ली स्पेशल क्राइम ब्रांच-1की टीम ने प्राथमिकी दर्ज कर ली. सीनियर एसपी जगरूप एस गुसिन्हा ने भादवि की धारा-302, 34 के तहत मामला दर्ज किया है. पूरे मामले की जांच के लिए 20 अफसरों की स्पेशल टीम बनायी गयी है. दिल्ली से बुधवार को विशेषज्ञ फॉरेंसिक एक्सपर्ट और सीबीआइ स्पेशल की टीम धनबाद के लिए चल दी है.

गुरुवार से टीम के सदस्य हर पहलू की बारीकी से जांच कर मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश करेंगे. प्राथमिकी में मृत जज की पत्नी कृति सिन्हा की शिकायत पर धनबाद थाना में दर्ज केस (300/21) को आधार बनाया गया है. सीबीआइ के अनुसार, झारखंड के गृह विभाग ने इस मामले की सीबीआइ जांच के लिए 30 जुलाई को भारत सरकार के डिपार्टमेंट अॉफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग डिपार्टमेंट को अनुशंसा भेजी थी. मामले में बुधवार को डिपार्टमेंट अॉफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग की अधिसूचना के बाद सीबीआइ ने प्राथमिकी दर्ज की है.

आवेदन में कृति सिन्हा ने क्या कहा था :

कृति सिन्हा ने धनबाद पुलिस को दिये अपने आवेदन में कहा था कि उनके पति उत्तम आनंद 28 जुलाई की सुबह पांच बजे आवास से टहलने के लिए निकले थे. काफी समय बीत जाने के बाद भी वे घर नहीं लौटे. तब हम लोगों ने उनकी खोजबीन शुरू की. इस दौरान पता चला कि गंभीर रूप से घायल जज उत्तम आनंद को स्थानीय लोग शहीद निर्मल महतो मेडिकल अस्पताल इलाज के लिए ले गये हैं.

उसी दौरान मोबाइल पर वायरल वीडियो प्रसारित किया जाने लगा कि ऑटो चालक ने जानबूझ कर जज उत्तम आनंद को धक्का मारा. इस कारण सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मृत्यु हो गयी. इस कारण पति की मौत मामले में प्राथमिकी दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाये.

मामले में अब तक क्या आया सामने

बता दें कि 28 जुलाई को घटना के बाद धनबाद थाना में जज की हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. अगले दिन 29 जुलाई को ऑटो चालक लखन वर्मा को गिरिडीह से और उसके साथ ऑटो में बैठे राहुल वर्मा को धनबाद रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया था. फिर दोनों को पांच दिनों की रिमांड पर लेकर पुलिस ने पूछताछ की थी. ऑटो मालिक रामदेव वर्मा को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की थी.

वहीं जिस वक्त जज को ऑटो से धक्का लगा था, उस समय ऑटो के पीछे जा रहे शख्स बीसीसीएल के कर्मी श्रवण से भी पुलिस ने पूछताछ की थी. इसके अलावा 150 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गयी थी. फिर पुलिस ने कोर्ट से लखन वर्मा और राहुल वर्मा का नार्को व ब्रेन मैपिंग टेस्ट कराने की अनुमति भी प्राप्त कर ली है. दोनों के ब्लड व पेशाब की जांच में इस बात की पुष्टि हुई थी कि घटना के वक्त दोनों ने नशे का सेवन किया था. वहीं जज की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात सामने आयी थी कि उनका जबड़ा और सिर की हड्डी कई जगहों पर टूटी थी. सिर पर गंभीर चोट लगने से उनकी मौत हुई थी.

जज के शरीर पर तीन जगह बाहरी और सात जगहों पर अंदरूनी चोट भी लगी हुई थी. ऑटो से धक्का लगने के बाद उनके ब्रेन में चोट लगी थी, जिससे वे बेहोश हो गये थे.

Posted By : Sameer Oraon

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