धनबाद. जलाशयों में मछली पकड़ने और पालन करने वाले मछुआरों की सुरक्षा के लिए जिला मत्स्य कार्यालय ने मोटर चालित नाव देने की योजना शुरू की है. योजना के तहत 4.14 लाख रुपये कीमत वाली नाव पर सरकार की ओर से 90 प्रतिशत, अधिकतम 3.72 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जायेगा. लाभुक को अपने हिस्से के 41,400 रुपये जमा करने होंगे. योजना का लाभ लेने के इच्छुक मछुआरे आठ अक्टूबर तक जिला मत्स्य कार्यालय, धनबाद में आवेदन जमा कर सकते हैं.
चार से छह लोगों की क्षमता वाली होगी नाव
विभाग की ओर से दी जाने वाली नाव चार से छह लोगों के बैठने की क्षमता वाली होगी. यह एफआरपी से बनी होगी और इसमें 9.9 एचपी का मोटर लगा रहेगा. नाव के साथ दो चप्पू और 50 फीट लंबी रस्सी भी दी जायेगी.
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जलाशयों में मछली पालन और मछली पकड़ने के दौरान किसी तरह की आपदा या दुर्घटना होने पर मोटर वाली नाव काफी उपयोगी होगी. इससे मछुआरों को आपात स्थिति में सुरक्षित स्थान तक पहुंचने में मदद मिल सकेगी.
मत्स्यजीवी सहयोग समिति का सदस्य होना जरूरी
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का मनरेगा मत्स्यजीवी सहयोग समिति का सदस्य होना जरूरी है. आवेदन के साथ समिति की कार्यकारिणी के प्रस्ताव की प्रति भी जमा करनी होगी.
इसके अलावा आवेदक को नोटरी से प्रमाणित शपथ पत्र देना होगा कि उसने पहले मोटर वाली नाव की योजना का लाभ नहीं लिया है. लाभुक को यह भी लिखित रूप से देना होगा कि वह अपने हिस्से की 41,400 रुपये की राशि जमा करेगा.
एस्क्रो खाते में जमा करना होगा लाभुक का अंशदान
चयन के बाद लाभुक के नाम से एस्क्रो खाता खोला जायेगा. कार्यादेश जारी होने के एक महीने के अंदर लाभुक को अपना अंशदान इसी खाते में जमा करना होगा. नाव की आपूर्ति होने के बाद लाभुक की जमा राशि और सरकार की अनुदान राशि आपूर्तिकर्ता के खाते में भेजी जायेगी.
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कार्यालय से नि:शुल्क मिलेगा आवेदन प्रारूप
इच्छुक मछुआरे आठ अक्टूबर तक जिला मत्स्य कार्यालय, धनबाद में आवेदन जमा कर सकते हैं. आवेदन का प्रारूप कार्यालय में नि:शुल्क उपलब्ध है. योजना से संबंधित पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और अन्य विस्तृत जानकारी भी जिला मत्स्य कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है.
