धनबाद. लंबे समय तक सेवा देने के बावजूद समय पर नियमित प्रमोशन से वंचित धनबाद के डॉक्टरों को अब संशोधित तारीख से एसीपी-डीएसीपी का वित्तीय लाभ मिलेगा. झारखंड स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने हाइकोर्ट के आदेश के बाद संबंधित डॉक्टरों के मामलों की दोबारा समीक्षा कर अधिसूचना जारी की है. इसमें कार्यरत डॉक्टरों के साथ सेवानिवृत्त और दिवंगत डॉक्टरों के मामले भी शामिल किये गये हैं.
कई सेवानिवृत्त डॉक्टरों को भी मिलेगा लाभ
जारी अधिसूचना में एसएनएमएमसीएच के प्रोफेसर डॉ सुनील कुमार वर्मा समेत कई डॉक्टरों के नाम शामिल हैं. इसके अलावा सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ दिनेश प्रसाद भदानी, डॉ राज किशोर वर्मा और डॉ उमेश कुमार ओझा के मामलों की भी समीक्षा की गयी है. सदर अस्पताल से जुड़े डॉ प्रकाश कुमार सिंह का मामला भी अधिसूचना में शामिल है.
विभाग की ओर से मामलों की समीक्षा के बाद संशोधित तिथि से वित्तीय लाभ देने का प्रावधान किया गया है. इससे लंबे समय से नियमित प्रमोशन की प्रतीक्षा कर रहे डॉक्टरों को उनके सेवा काल के अनुरूप वित्तीय लाभ मिलने का रास्ता साफ हुआ है.
क्या है एसीपी-डीएसीपी
एसीपी और डीएसीपी को सरल शब्दों में प्रमोशन के बदले मिलने वाला वित्तीय लाभ कहा जा सकता है. जब किसी कर्मचारी या अधिकारी को निर्धारित अवधि में नियमित पदोन्नति नहीं मिलती है, तो सेवा नियमों के तहत उसे उच्च वेतनमान का लाभ दिया जाता है.
इस व्यवस्था में संबंधित डॉक्टर का पद या पदनाम जरूरी तौर पर नहीं बदलता, लेकिन उसे उच्च वेतनमान के अनुरूप वित्तीय लाभ मिलता है. एसीपी-डीएसीपी का लाभ सेवा अवधि और निर्धारित नियमों के आधार पर तय किया जाता है.
हाइकोर्ट के आदेश के बाद हुई समीक्षा
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में हाइकोर्ट के आदेश के बाद संबंधित मामलों की दोबारा समीक्षा किये जाने की बात सामने आयी है. इसके बाद पात्र डॉक्टरों के एसीपी-डीएसीपी लाभ की संशोधित तारीख निर्धारित की गयी है. कार्यरत डॉक्टरों के साथ सेवानिवृत्त और दिवंगत डॉक्टरों के मामलों को शामिल किये जाने से लंबे समय से लंबित मामलों के निस्तारण की उम्मीद बढ़ी है.
