Dhanbad ACB News, धनबाद (परमेश्वर प्रसाद बारी) : धनबाद स्थित निगरानी के विशेष न्यायाधीश मनीष की अदालत ने भ्रष्टाचार के एक चर्चित मामले में शुक्रवार को कड़ा रुख अपनाया है. महिला थाना के तत्कालीन सहायक अवर निरीक्षक (ASI) सत्येंद्र पासवान के खिलाफ रिश्वत लेने के मामले में आरोप गठित कर दिए गए हैं. सुनवाई के दौरान आरोपी अधिकारी सशरीर अदालत में उपस्थित हुआ. अदालत ने अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद ट्रायल शुरू करने का आदेश दिया और साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए अगली तिथि 13 मई 2026 निर्धारित की है. इस दौरान निगरानी विभाग की ओर से विशेष लोक अभियोजक राजीव कुमार उपाध्याय ने पक्ष रखा.
दहेज मामले में डरा-धमकाकर मांगी थी रिश्वत
पूरा मामला बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के बिराजपुर निवासी सुधीर साव से जुड़ा है. सुधीर के खिलाफ महिला थाना में दहेज प्रताड़ना का एक मामला दर्ज हुआ था, जिसकी जांच की जिम्मेदारी एएसआई सत्येंद्र पासवान को सौंपी गई थी. आरोप है कि जांच और केस डायरी को सुधीर के पक्ष में तैयार करने के एवज में पासवान ने 10 हजार रुपये की मांग की थी. पैसे देने में असमर्थता जताने पर पुलिस अधिकारी ने सुधीर को जेल भेजने की सीधी धमकी दी थी.
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4 हजार में हुआ सौदा और एसीबी का बिछाया जाल
आरोपी के लगातार दबाव के कारण अंत में रिश्वत की रकम घटाकर 4 हजार रुपये तय की गई. हालांकि, सुधीर साव भ्रष्टाचार के आगे झुकना नहीं चाहते थे, इसलिए उन्होंने इसकी लिखित शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के धनबाद एसपी से की. एसीबी ने शिकायत के सत्यापन के बाद त्वरित कार्रवाई की योजना बनाई.
सदर अस्पताल परिसर में रंगेहाथ गिरफ्तारी
एसीबी की रणनीति के तहत 7 जून 2023 को जाल बिछाया गया. जैसे ही सत्येंद्र पासवान ने सदर अस्पताल परिसर में सुधीर साव से रिश्वत के 4 हजार रुपये लिये, पहले से घात लगाकर बैठी निगरानी टीम ने उन्हें रंगेहाथ दबोच लिया. उनकी गिरफ्तारी के बाद विभाग में हड़कंप मच गया था. अब आरोप गठित होने के बाद यह स्पष्ट है कि कानून का शिकंजा उन पर कसता जा रहा है और अन्य गवाहियों के आधार पर सजा का निर्धारण होगा.
