झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद उनके आवास पर श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा हुआ है. समर्थकों और शुभचिंतकों के साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, मंत्री, विधायक और जनप्रतिनिधि भी पहुंच रहे हैं. लोग दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने के साथ शोकाकुल परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दे रहे हैं.
मंत्रियों और विधायकों का पहुंचना जारी
रविवार को स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी समेत कई मंत्री, विधायक और वरिष्ठ नेताओं ने सुदिव्य कुमार सोनू के आवास पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की. सभी ने उनके निधन पर गहरा दुख जताते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की. सुबह से ही आवास के आसपास लोगों की भीड़ जुटने लगी थी. लगातार लोगों के पहुंचने से पूरा इलाका शोकाकुल माहौल में डूबा रहा.
बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस अलर्ट
आवास पर लगातार बढ़ रही भीड़ और वीआईपी आवाजाही को देखते हुए जिला पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. आवास परिसर के भीतर और बाहर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गयी है. सुरक्षा कर्मी आने-जाने वाले लोगों पर नजर रख रहे हैं. भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था के लिए भी अतिरिक्त पुलिस टीम लगायी गयी है.
मुख्यमंत्री के पहुंचने की संभावना पर बढ़ायी गयी सुरक्षा
मुख्यमंत्री के सुदिव्य कुमार सोनू के आवास पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गयी है. आवास से करीब आधा किलोमीटर पहले से ही पुलिस बल की तैनाती की गयी है. प्रमुख सड़कों और संपर्क मार्गों पर भी अतिरिक्त जवानों को लगाया गया है.
पुलिस की कोशिश है कि वीआईपी आवाजाही के दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो और श्रद्धांजलि देने पहुंचने वाले लोगों को भी किसी तरह की परेशानी नहीं हो.
भीड़ प्रबंधन और आम लोगों की सुविधा पर जोर
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में है. सुरक्षा व्यवस्था के साथ आम लोगों की सुविधा का भी ध्यान रखा जा रहा है. आवास के आसपास लगातार निगरानी की जा रही है. भीड़ बढ़ने की स्थिति में आवश्यकतानुसार अतिरिक्त बल तैनात किया जा रहा है.
राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन की खबर के बाद से ही उनके आवास पर समर्थकों, शुभचिंतकों और आम लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी है. बड़ी संख्या में लोग दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं. उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है.
