आश्रित को नियोजन की मांग पर शव लेकर पहुंचे परिजन
बीसीसीएल के बरोरा एरिया की एएमपी कोलियरी में कार्यरत मुराईडीह कॉलोनी निवासी अशोक नोनिया (53) की सोमवार की रात दुर्गापुर के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी. एक अप्रैल 2026 को ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद से उनका इलाज चल रहा था. मृतक शॉवेल आपरेटर था.
ट्रेड यूनियनों के नेताओं ने किया समर्थन
मंगलवार को परिजन शव लेकर बीसीसीएल कार्यालय पहुंचे और मृतक के आश्रित बेटे को नियोजन व मुआवजा देने की मांग करने लगे. परिजन अपनी मांग पर अड़े रहे. सूचना मिलते ही बरोरा क्षेत्रीय संयुक्त मोर्चा से जुड़े विभिन्न ट्रेड यूनियनों के नेता भी मौके पर पहुंचे और आंदोलन को समर्थन दिया.
तत्काल नियोजन की मांग पर अड़े आश्रित व यूनियन नेता
यूनियन नेताओं ने बीसीसीएल प्रबंधन से आश्रित को तत्काल नियोजन देने की मांग की. मांग पूरी नहीं होने पर कोलियरी का काम ठप करने की चेतावनी दी गयी. मृतक के बेटे विकास कुमार ने बताया कि एक अप्रैल को ड्यूटी के दौरान पिता की अचानक तबीयत खराब हो गयी थी. इसके बाद से उनका इलाज चल रहा था.
बिहार के औरंगाबाद का रहने वाला था मृतक
अशोक नोनिया के दो बेटे और दो बेटीयां हैं. पैतृक आवास बिहार के औरंगाबाद जिले के गोह थाना क्षेत्र के चमनपुरा गांव में है. निधन की खबर से मुराईडीह कॉलोनी और चमनपुरा गांव में शोक व्याप्त है. संयुक्त मोर्चा के अनूप चौहान, मंगल हेंब्रम, रतन चौहान, संतोष गोराई, जेके झा, देवानंद राजभर, बृजेश कुमार, उदय चौहान, अमरेंद्र कुमार ने प्रबंधन से नियोजन की मांग की है.
