विदेशों में भी होगा कोल इंडिया का विस्तार, सिंगापुर में खुलेगा पहला विदेशी कार्यालय

कोल इंडिया अब सिर्फ कोयला ही नहीं, बल्कि लिथियम, तांबा और रेयर अर्थ जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के वैश्विक कारोबार में भी उतरने की तैयारी में है. इस विस्तार के तहत कंपनी सिंगापुर में अपना पहला विदेशी व्यापारिक कार्यालय खोलने जा रही है, जो भविष्य में वैश्विक खनिज संपत्तियों की पहचान और व्यापार का केंद्र बनेगा.

कोल इंडिया अब अपने पारंपरिक कोयला कारोबार से आगे बढ़कर रणनीतिक और महत्वपूर्ण खनिजों के वैश्विक कारोबार में विस्तार की तैयारी कर रही है. कंपनी सिंगापुर में अपना पहला विदेशी व्यापारिक कार्यालय खोलने की दिशा में आगे बढ़ रही है. जानकारी के अनुसार, कंपनी ने सिंगापुर में कार्यालय के पंजीकरण के लिए आवेदन किया है. प्रस्तावित कार्यालय के माध्यम से विदेशों में खनिज संपत्तियों की पहचान, अधिग्रहण, निवेश और व्यापार से जुड़ी गतिविधियों को संचालित करने की योजना है. यह कार्यालय कंपनी के लौह अयस्क कारोबार को भी सहयोग देगा.

लिथियम, तांबा और रेयर अर्थ पर फोकस

कोल इंडिया अब लिथियम, तांबा, निकेल और रेयर अर्थ जैसे महत्वपूर्ण खनिजों में कारोबार के अवसर तलाश रही है. कंपनी विभिन्न देशों में उपलब्ध खनिज संपत्तियों का आकलन कर रही है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घाना और अन्य अफ्रीकी देशों में बॉक्साइट, चिली में लिथियम तथा कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में अन्य महत्वपूर्ण खनिजों से जुड़े अवसरों पर नजर है.

इस रणनीति का उद्देश्य कोल इंडिया के कारोबार को कोयले से आगे बढ़ाकर उन खनिजों तक पहुंचाना है, जिनकी वैश्विक स्तर पर औद्योगिक और रणनीतिक मांग बढ़ रही है.

सिंगापुर को बनाया जा सकता है कारोबार का केंद्र

विदेशी कारोबार के लिए सिंगापुर को रणनीतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है. यहां से विदेशों में खनिज संपत्तियों की पहचान, अधिग्रहण, निवेश और व्यापारिक गतिविधियों के समन्वय में मदद मिल सकती है. इससे कंपनी को एशिया समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी गतिविधियों को व्यवस्थित करने का आधार मिलेगा.

कंपनी के निदेशक मंडल की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में कोल इंडिया ने महाराष्ट्र में रेयर अर्थ मिनरल का एक ब्लॉक हासिल किया है. इससे स्पष्ट है कि कंपनी घरेलू स्तर पर भी रणनीतिक खनिजों के क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है.

मोजांबिक में पहले कर चुकी है काम

कोल इंडिया के लिए विदेश में खनिज संपत्तियों से जुड़ा काम नया नहीं है. कंपनी ने पहले मोजांबिक में कोयला संपत्तियों की खोज के लिए पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी के माध्यम से काम किया था. वर्ष 2012 में वहां दो कोयला ब्लॉकों में खोज गतिविधियां शुरू की गयी थीं. हालांकि, बाद में तकनीकी और व्यावसायिक व्यवहार्यता नहीं मिलने के कारण इन क्षेत्रों को छोड़ दिया गया.

अब कंपनी की रणनीति कोयले के पारंपरिक कारोबार तक सीमित रहने के बजाय लिथियम, तांबा, निकेल, रेयर अर्थ और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों में वैश्विक अवसर तलाशने की है.


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By Shobhit ranjan

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