राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत उपचार के लिए सदर अस्पताल धनबाद की पहल ने कटे होंठ की समस्या से जूझते बच्चों के चेहरों पर नयी मुस्कान ला दी है. सदर अस्पताल में आयोजित विशेष शिविर के माध्यम से चयनित बच्चे रांची के देव कमल अस्पताल में सफल ऑपरेशन कराने के बाद विशेष वाहन से धनबाद लौट आये. जिला प्रशासन के सहयोग से सभी बच्चों का ऑपरेशन पूरी तरह नि:शुल्क कराया गया.
24 अगस्त को सात बच्चों को भेजा गया था रांची
उपायुक्त आदित्य रंजन के निर्देश पर आयोजित आरबीएसके विशेष शिविर में क्लेफ्ट लिप (कटे होंठ) से पीड़ित बच्चों की पहचान कर उन्हें ऑपरेशन के लिए गत 24 अगस्त को रांची भेजा गया था. देव कमल अस्पताल में चिकित्सकों ने बच्चों का सफल ऑपरेशन किया. ऑपरेशन के बाद बच्चों के अभिभावकों में भी खुशी का माहौल रहा.
जीवन में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद
उपायुक्त ने कहा कि उपचार के बाद बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आयेगा. वे सामान्य जीवन जीने के साथ पहले की तुलना में अधिक आत्मविश्वास के साथ सामाजिक गतिविधियों में भाग ले सकेंगे. जिला प्रशासन का प्रयास है कि स्वास्थ्य संबंधी ऐसी समस्याओं से जूझ रहे बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाये, ताकि बीमारी उनके भविष्य में बाधा न बने.
अभिभावक व नोडल अधिकारी भी थे ऑपरेशन के दौरान
बच्चों के अभिभावकों के साथ जिला प्रशासन की ओर से आरबीएसके विशेष शिविर के नोडल पदाधिकारी दीप प्रकाश गुप्ता, आरबीएसके के चिकित्सक डॉ हसन और डॉ इम्तियाज अहमद भी मौजूद थे. उन्होंने उपचार प्रक्रिया की निगरानी की और अभिभावकों को जरूरी जानकारी दी.
कमजोर परिवारों को भी मिली बड़ी राहत
बच्चों के सफल ऑपरेशन के बाद धनबाद लौटने पर स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने इसे आरबीएसके के उद्देश्य की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया. नि:शुल्क उपचार मिलने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी बड़ी राहत मिली है. उपचार के बाद बच्चों के चेहरे पर लौटी मुस्कान उनके परिवारों के लिए किसी बड़ी खुशी से कम नहीं है.
