Dhanbad News: स्वच्छ सर्वेक्षण: दिल्ली की सर्वे टीम धनबाद में, वार्डों में जांच रही जमीनी हकीकत

43 पैमानों पर होगी जांच, 10500 अंकों से तय होगी राष्ट्रीय रैंकिंग

स्वच्छता की रेस में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए धनबाद फिर बड़े इम्तिहान से गुजर रहा है. ‘स्वच्छ सर्वेक्षण 2026’ को लेकर दिल्ली से सर्वे टीम शहर में पहुंच चुकी है और अलग-अलग वार्डों में जमीनी हकीकत जांच रही है. 15 मई तक चलने वाले इस सर्वे में शहर की सफाई व्यवस्था को 43 अलग-अलग बिंदुओं पर जांचा जाएगा. कुल 10500 अंकों के आधार पर राष्ट्रीय रैंकिंग तय होगी.

जनता की सीधी भागीदारी पर जोर

स्वच्छ सर्वेक्षण में इस बार जनता की सीधी भागीदारी पर भी जोर है. 13 सवालों पर लोगों से फीडबैक लिया जा रहा है. इनमें कचरा उठाव, सार्वजनिक शौचालय, सफाई व्यवस्था और नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर राय मांगी जा रही है. नागरिक ऑनलाइन पोर्टल, स्वच्छता ऐप और अन्य माध्यमों से भी अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करा सकते हैं. नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक इस वर्ष की थीम ‘स्वच्छता की नई पहल- बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ’ है. अधिकारियों का मानना है कि जनसहभागिता के बिना स्वच्छता अभियान अधूरा है.

हर छोटी-बड़ी व्यवस्था रैंकिंग पर असर डालेगी

अंकों के बंटवारे में विजुअल क्लीनलीनेस, कचरा कलेक्शन, वेस्ट प्रोसेसिंग, यूज्ड वाटर मैनेजमेंट और सिटीजन फीडबैक जैसे प्रमुख घटकों को सबसे अधिक वेटेज दिया गया है. ऐसे में हर छोटी-बड़ी व्यवस्था शहर की रैंकिंग पर असर डालेगी.

पिछले वर्षों में धनबाद की रैंकिंग में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. 2020 में शहर ने 33वां स्थान हासिल कर बेहतर प्रदर्शन किया था, लेकिन इसके बाद रैंकिंग स्थिर नहीं रह पायी. अब नजर 2026 के परिणाम पर टिकी है.

अंक निर्धारण (स्कोरिंग ब्रेकअप)

विजुअल क्लीनलीनेस – 1500 अंक

डोर टू डोर कलेक्शन व ट्रांसपोर्टेशन – 1000 अंक

सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट – 1500 अंक

यूज्ड वाटर मैनेजमेंट – 1000 अंक

एफएसटीपी – 1000 अंक

मैकेनाइज्ड डे-सलजिंग – 500 अंक

एडवांस अवेयरनेस कैंपेन – 1500 अंक

सेनिटेशन एक्सेस – 1000 अंक

सेनिटेशन वर्कर वेलफेयर – 500 अंक

सिटीजन फीडबैक – 1000 अंक

जनता को इन 13 सवालों का देना होगा जवाब

1. क्या आपके घर या दुकान से रोजाना कचरा उठाया जाता है?

2. क्या आपका घर या दुकान कचरे को फेंकने से पहले सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग करता है?

3. क्या कचरा उठाने वाला कचरा अलग-अलग तरीके से (कैटेगरी के अनुसार) उठाकर गाड़ी में डालता है, या उठाने/लोड करने के दौरान उसे मिला देता है?

4. क्या आपके इलाके में रोजाना झाड़ू लगाई जाती है?

5. आप अपने इलाके की साफ-सफाई के मामले में कैसे रेट करेंगे?

6. आप अपने इलाके के आस-पास कितनी बार लावारिस कूड़े के ढेर या कचरे के ढेर देखते हैं?

7. आपके अनुसार स्थानीय प्रशासन मार्केट, बाजार, पार्क, गार्डन या दूसरी जगहों जैसी सार्वजनिक जगहों पर साफ-सफाई बनाए रखने में कितनी असरदार हैं?

8. क्या आप लोगों को खुलेआम सार्वजनिक जगहों पर या आस-पास शौच करते हुए देखते हैं?

9. आप अपने इलाके के सार्वजनिक शौचालय की सफाई और रख-रखाव से कितने संतुष्ट हैं?

10. क्या आप अपने शहर में वेस्ट मैनेजमेंट के लिए रिड्यूस, रीयूज, रीसाइकल (आरआरआर) सेंटर के बारे में जानते हैं?

11. जब आपके सीवर या सेप्टिक टैंक को सफाई की जरूरत होती है तो आप किससे संपर्क करते हैं?

12. आप लोकल अधिकारियों को सफाई से जुड़ी समस्याएं (जैसे, कचरा फेंकना, कूड़ेदानों का ओवरफ्लो होना, साफ-सफाई की कमी) को कैसे बताते हैं?

13. आप शहर की सफाई से संबंधित शिकायतों (जैसे, कचरा फेंकना, कूड़ेदानों का ओवरफ्लो होना) पर प्रतिक्रिया को कैसे रेट करेंगे?

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By ASHOK KUMAR

ASHOK KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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