झारखंड सरकार के जल संसाधन और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन की अध्यक्षता और टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो की मौजूदगी में सोमवार देर शाम को सर्किट हाउस में छाताबाद के भू-धंसान प्रभावित परिवारों, बीसीसीएल और जेआरडीए के बीच करीब चार घंटे बैठक हुई. प्रभावित परिवारों की मांग पर भू-धंसान क्षेत्र का आइआइटी आइएसएम से सर्वेक्षण कराकर डेंजर जोन का सीमांकन करने और एक माह में रिपोर्ट देने पर सहमति बनी.
सर्वे के साथ जनहित के विविध मामलों में बनी व्यापक सहमति
भू-धंसान क्षेत्र के प्रस्तावित सर्वे में मस्जिद, मदरसा, ईदगाह और स्कूल को भी शामिल किया जायेगा. घायलों को चिकित्सीय सहायता और जरूरी सुविधाएं देने, खनन के दौरान सुरक्षा व ब्लास्टिंग नियमों का पालन करने तथा घटनास्थल के आसपास बैरिकेडिंग और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने पर भी सहमति बनी.
20-21 अन्य स्थल भी शिफ्टिंग के लिए तैयार
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर वे उनके प्रतिनिधि के रूप में छाताबाद पहुंचे हैं. राज्य सरकार के लिए भू-धंसान और डेंजर जोन में रहने वालों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने प्रभावित क्षेत्र के आसपास आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था तैयार करने का निर्देश दिया. बीसीसीएल ने बताया कि बेलगड़िया के अलावा 20-21 अन्य स्थल शिफ्टिंग के लिए तैयार हैं.
प्रभावित लोगों की शिफ्टिंग के प्रयास से कराया गया अवगत
उप विकास आयुक्त सन्नी राज ने कहा कि लोगों को कई बार बेलगड़िया का भ्रमण कराया गया है. वहां पानी, बिजली, सड़क, स्कूल, कॉलेज और स्वास्थ्य केंद्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं. विस्थापितों के रोजगार के लिए भी योजनाओं पर काम चल रहा है.
बैठक में डीडीसी सन्नी राज, ग्रामीण एसपी एस मोहम्मद याकूब, एसडीएम लोकेश बारंगे, बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल समेत जेआरडीए, बीसीसीएल के अधिकारी और छाताबाद के नागरिक मौजूद थे.
