झरिया में भूमिगत आग व भू-धंसान के खतरे को देखते हुए जेआरडीए को प्रभावित क्षेत्र से लोगों को प्राथमिकता के आधार पर बेलगड़िया में शिफ्ट करना है. वहीं बीसीसीएल को भूमिगत आग बुझाने के लिए आधुनिक तकनीक अपनानी चाहिए. प्रभावित क्षेत्र के परिवारों को बेलगड़िया टाउनशिप में शिफ्ट करना आवश्यक है. उक्त बातें गुरुवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित जेआरडीए प्रबंध पर्षद की 36वीं बैठक में प्रमंडलीय आयुक्त सह झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकार (जेआरडीए) के अध्यक्ष मनोज कुमार ने कही. बैठक में उपायुक्त आदित्य रंजन, बीसीसीएल सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल, उप विकास आयुक्त सन्नी राज, निदेशक तकनीकी (संचालन) संजय कुमार सिंह, अपर समाहर्ता विनोद कुमार, निदेशक डीआरडीबी राजीव रंजन, डीएलएओ राम नारायण खालको, सीएमपीडीआइएल के क्षेत्रीय निदेशक, महाप्रबंधक झरिया मास्टर प्लान राजीव चोपड़ा, महाप्रबंधक (पर्यावरण), जेआरडीए के निदेशक (इंफ्रास्ट्रक्चर), निदेशक (वित्त), निदेशक (संपदा तथा आर एंड आर) आदि थे. बैठक में आयुक्त ने बेलगड़िया टाउनशिप में शिकायत निवारण केंद्र खोलकर आम जनों की शिकायतों का समाधान करने की सराहना की.
उपायुक्त को सौंपा जेआरडीए के डेप्युटी सीइओ का दायित्व
बैठक में संशोधित झरिया मास्टर प्लान 2.0 को अपनाते हुए उपायुक्त आदित्य रंजन को जेआरडीए का उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी (डेप्युटी सीईओ) का दायित्व सौंपा गया. जब तक जेआरडीए में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति नहीं होती, तब तक उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी सभी कार्यों का क्रियान्वयन करेंगे.
