धनबाद. बीसीसीएल में दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देने की प्रक्रिया में तेजी आयी है. कंपनी के अनुसार वर्ष 2025 में अनुकंपा नियुक्ति के 452 मामलों का निबटारा किया गया, जबकि वर्ष 2026 में अब तक 405 मामलों का निष्पादन हो चुका है. इस तरह दो वर्षों में कुल 857 मामलों का निबटारा किया गया है.
पूर्व निदेशक (एचआर) मुरली कृष्ण रमैय्या के फरवरी 2023 से अगस्त 2026 तक के कार्यकाल में अनुकंपा नियुक्ति के मामलों के त्वरित निबटारे पर विशेष जोर दिया गया. प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए विशेष अनुकंपा नियोजन शिविर आयोजित किये गये. शिविर 3.0 के दौरान 122 आश्रितों को नियुक्ति पत्र भी वितरित किये गये.
शिविर लगाकर तेज किया गया मामलों का निष्पादन
बीसीसीएल के अनुसार विशेष शिविरों का उद्देश्य दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को नियुक्ति प्रक्रिया में होने वाली अनावश्यक देरी से राहत देना था. इसके माध्यम से लंबित मामलों के निबटारे के साथ पात्र आश्रितों को समय पर रोजगार का अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया.
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कंपनी का कहना है कि अनुकंपा नियुक्ति के मामलों का त्वरित निष्पादन कर्मचारी हित और संवेदनशील प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है. इससे प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहारा देने की दिशा में भी मदद मिली है.
कर्मचारी कल्याण पर भी जोर
मानव संसाधन विभाग की पहलों में कर्मचारी कल्याण से जुड़ी अन्य योजनाएं भी शामिल रहीं. सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए सुविधाओं के विकास के साथ कैंटीन, खेलकूद, खुले व्यायाम स्थल और अन्य कल्याणकारी सुविधाओं का विस्तार किया गया.
कर्मचारियों के ज्ञान और नेतृत्व क्षमता को बढ़ाने के लिए मेराकी 1.0, स्पर्श मानव संसाधन सम्मेलन, नेतृत्व संवाद, आरक्षण जागरूकता प्रशिक्षण और नये श्रम कानूनों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये गये.
महिला सशक्तीकरण के लिए भी पहल
महिला कर्मचारियों के लिए शिशु गृह और महिला केंद्रित तकनीकी पहल शुरू की गयी. कंपनी के अनुसार इन पहलों का उद्देश्य कार्यस्थल पर कर्मचारियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और कर्मचारी कल्याण को मजबूत करना है.
पूर्व निदेशक रमैय्या के अनुसार अनुकंपा नियुक्ति के मामलों का तेजी से निबटारा कर्मचारी हित में महत्वपूर्ण कदम रहा. इससे दिवंगत कर्मचारियों के आश्रित परिवारों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कंपनी की पहल को गति मिली.
