बीसीसीएल की बरोरा एरिया अंतर्गत अमलगामेटेड मुराइडीह-फुलारीटांड़ कोलियरी के शताब्दी सेक्शन स्थित साइलो फायर पैच से कोयला निकालने और ओवरबर्डन (ओबी) हटाने का रास्ता साफ हो गया है. बीसीसीएल ने इसके लिए आउटसोर्सिंग कंपनी मेसर्स जेएसइ इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड को 78.95 करोड़ रुपये का ठेका दिया है. इस संबंध में बुधवार को बीसीसीएल के विभागाध्यक्ष (सीएमसी) के हस्ताक्षर से लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (एलओए) जारी किया गया. ठेका 720 दिनों के लिए दिया गया है.
ठेका अवधि के दौरान कंपनी को साइलो फायर पैच से ओबी हटाने के साथ कोयला निकालने और उसकी ढुलाई का काम करना होगा. इस परियोजना के तहत कुल 12.059 लाख टन कोयला निकालने का लक्ष्य रखा गया है. इसके अलावा बड़ी मात्रा में सॉफ्ट, हार्ड और डंप्ड लूज ओबी हटाया जायेगा.
58 लाख क्यूबिक मीटर से अधिक ओबी हटाने का प्रावधान
टेंडर के अनुसार परियोजना में 1.338 लाख क्यूबिक मीटर इन-सिटू सॉफ्ट ओबी, 22.495 लाख क्यूबिक मीटर इन-सिटू हार्ड ओबी और 34.880 लाख क्यूबिक मीटर डंप्ड लूज ओबी हटाने का प्रावधान किया गया है. हार्ड ओबी की खुदाई के लिए आवश्यकता पड़ने पर ड्रिलिंग और ब्लास्टिंग का काम बीसीसीएल की ओर से नि:शुल्क कराया जायेगा.
ओबी हटाने और कोयले के निष्कर्षण के साथ उसकी निर्धारित दूरी तक ढुलाई भी ठेका कार्य का हिस्सा होगी. फेस से सतही ओबी डंप तक एक से दो किलोमीटर तथा दो से तीन किलोमीटर तक कैरेज लीड का प्रावधान है. इन-पिट डंप तक शून्य से एक किलोमीटर तक ओबी की ढुलाई भी इसमें शामिल है.
आग बुझाने की भी होगी ठेका कंपनी की जिम्मेदारी
साइलो फायर पैच होने के कारण परियोजना में फायरफाइटिंग को भी काम का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है. ठेका कंपनी को पर्याप्त क्षमता वाले पंप, विद्युत व्यवस्था, एमएस पाइप, होज समेत आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था करनी होगी.
खुदाई और लोडिंग के दौरान लगातार पानी का छिड़काव कर आग को पूरी तरह बुझाने की जिम्मेदारी भी ठेका कंपनी की होगी. बीसीसीएल ने स्पष्ट किया है कि आग पूरी तरह बुझने के बाद ही ओबी या कोयले की लोडिंग और ढुलाई की जायेगी. यानी कोयला निष्कर्षण के दौरान सुरक्षा मानकों और आग पर नियंत्रण को प्राथमिकता देनी होगी.
81.82 करोड़ था अनुमानित खर्च
टेंडर में जीएसटी को छोड़कर कार्य की अनुमानित लागत 69.34 करोड़ रुपये निर्धारित की गयी थी. 18 प्रतिशत जीएसटी जोड़ने के बाद यह अनुमानित लागत 81.82 करोड़ रुपये हो जाती है. ठेका कंपनी ने अनुमानित दर से 3.51 प्रतिशत कम, यानी 96.49 प्रतिशत की दर पर काम स्वीकार किया है.
इसके आधार पर बीसीसीएल ने 78,95,73,629.96 रुपये की कुल राशि स्वीकृत की है. इस राशि के तहत निर्धारित ओबी हटाने, कोयला निष्कर्षण, ढुलाई और फायरफाइटिंग से जुड़े कार्य किये जायेंगे.
23 सितंबर तक जमा करनी होगी परफॉर्मेंस सिक्योरिटी
बीसीसीएल ने ठेका कंपनी को 1.69 करोड़ रुपये की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी जमा करने का निर्देश दिया है. इसे 23 सितंबर 2026 तक जमा करना होगा. परफॉर्मेंस सिक्योरिटी जमा होने के बाद औपचारिक वर्क ऑर्डर जारी किया जायेगा और अनुबंध की प्रक्रिया पूरी होगी.
720 दिनों की निर्धारित अवधि में कंपनी को साइलो फायर पैच से तय मात्रा में ओबी हटाने और 12.059 लाख टन कोयले के निष्कर्षण व परिवहन का काम पूरा करना होगा.
