एसएनएमएमसीएच में आयुष्मान भारत योजना के तहत मिलने वाली राशि और उसके इस्तेमाल का अब ऑडिट होगा. स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई वर्चुअल बैठक में अस्पताल की स्वास्थ्य योजनाओं, वित्तीय व्यवस्था और चिकित्सकीय सेवाओं की समीक्षा की गयी. मौके पर आयुष्मान योजना के तहत अस्पताल को प्राप्त राशि और उसके खर्च का पूरा ब्योरा लिया गया.
रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय को भेजा जायेगा
एसीएस ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि आयुष्मान भारत योजना शुरू होने के बाद से अब तक अस्पताल को प्राप्त राशि और उसके उपयोग से संबंधित सभी रिकॉर्ड की जांच करायी जाये.
इसके बाद ऑडिट रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया. समीक्षा के दौरान हर माह योजना के तहत अस्पताल को मिलने वाली राशि और उसके विरुद्ध किये जाने वाले खर्च की जानकारी भी ली गयी.
हर खर्च की देनी होगी जानकारी
अधिकारियों से यह भी जानकारी ली गयी कि योजना से अब तक अस्पताल को कुल कितनी राशि प्राप्त हुई और उसका कितना हिस्सा किन मदों में खर्च किया गया. ऑडिट के बाद वित्तीय लेन-देन और राशि के उपयोग की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है.
एसआर की संख्या और कार्यभार पर भी चर्चा
बैठक में एसएनएमएमसीएच के सीनियर रेजिडेंट (एसआर) चिकित्सकों की संख्या और उनकी आवश्यकता की भी समीक्षा की गयी. बताया गया कि अस्पताल में निर्धारित पदों की तुलना में वर्तमान में एसआर चिकित्सकों की संख्या अधिक है.
एसीएस को दीं गयीं सभी वांछित जानकारियां
वर्चुअल बैठक के दौरान सभी विभागाध्यक्षों ने मरीजों की संख्या और विभागीय कार्यभार के आधार पर एसआर चिकित्सकों की आवश्यकता से एसीएस को अवगत कराया. बताया कि अस्पताल की नियमित चिकित्सा सेवाओं, इमरजेंसी ड्यूटी व मरीजों के बढ़ते दबाव को देखते हुए पर्याप्त संख्या में एसआर चिकित्सकों की जरूरत है.
संख्या कम होने पर मौजूदा चिकित्सकों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ सकता है. इसका असर चिकित्सा व्यवस्था पर पड़ने की आशंका है. बैठक में एसएनएमएमसीएच के प्राचार्य डॉ आरके महतो, अधीक्षक डॉ डीके गिंदौरिया समेत सभी विभागाध्यक्ष मौजूद थे.
