धनबाद. वित्तीय वर्ष 2018-19 की अंकेक्षण जांच में सामने आयी राजस्व क्षति के मामले में धनबाद जिला परिवहन विभाग ने बकाया राशि की वसूली की प्रक्रिया तेज कर दी है. विभाग ने 150 वाहन मालिकों को बकाया राशि जमा करने के लिए चिह्नित किया है. जारी सूची में भारी मालवाहक और हल्के मालवाहक वाहन शामिल हैं. सूची में दर्ज राशियों का कुल जोड़ 45,17,198 रुपये से अधिक है.
विभाग की सूची में झारखंड के अलावा बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा और आंध्र प्रदेश में पंजीकृत वाहन भी शामिल हैं. कई वाहन मालिकों पर एक लाख रुपये से अधिक की राशि बकाया दर्ज है. विभाग ने अंकेक्षण दल की रिपोर्ट के पैरा 2.1.12.7 के आधार पर संबंधित वाहन मालिकों से राजस्व की वसूली का निर्देश दिया है.
एक वाहन पर 2.14 लाख रुपये तक बकाया
विभाग की सूची में सबसे अधिक 2,14,728 रुपये का बकाया एक वाहन पर दर्ज किया गया है. इसके अलावा 1,88,968 रुपये, 1,61,316 रुपये, 1,60,168 रुपये, 1,49,880 रुपये, 1,46,964 रुपये और 1,45,816 रुपये तक की राशि भी विभिन्न वाहनों पर लंबित है.
बड़ी संख्या में भारी मालवाहक वाहनों पर 40 हजार से 90 हजार रुपये के बीच बकाया दर्ज है. वहीं, हल्के मालवाहक वाहनों पर भी हजारों रुपये की राशि लंबित है. सूची में अलग-अलग राज्यों के पंजीकरण वाले वाहनों के शामिल होने से यह मामला केवल धनबाद में पंजीकृत वाहनों तक सीमित नहीं है.
10 दिनों में राशि जमा करने का निर्देश
जिला परिवहन पदाधिकारी ने संबंधित सभी वाहन मालिकों को बकाया राशि 10 दिनों के अंदर जमा करने का निर्देश दिया है. विभाग की ओर से जारी नोटिस में निर्धारित अवधि के भीतर भुगतान नहीं करने पर मोटरयान अधिनियम, 1988 और झारखंड मोटर वाहन कराधान अधिनियम, 2001 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी गयी है.
वर्षों पुराने बकाये की वसूली के लिए विभाग की ओर से जारी नोटिस के बाद संबंधित वाहन मालिकों पर राशि जमा करने का दबाव बढ़ गया है. विभाग का लक्ष्य अंकेक्षण में सामने आये बकाये की वसूली कर परिवहन राजस्व की क्षति की भरपाई करना है.
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