धनबाद जिले में मालवाहक वाहनों से परिवहन कर और एकमुश्त कर की वसूली में कमी का मामला सामने आया है. जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) कार्यालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार जिले में निबंधित 260 मालवाहक वाहनों पर कर बकाया है. वित्त वर्ष 2023-24 के अंकेक्षण के दौरान अंकेक्षण दल ने इन वाहनों से कर और एकमुश्त कर की राशि की वसूली नहीं होने पर अंकेक्षण पैरा 2(बी) के तहत आपत्ति दर्ज की थी. अब विभाग ने संबंधित वाहन मालिकों को बकाया कर जमा करने का निर्देश दिया है.
कई वाहनों का 2019 से नहीं जमा हुआ टैक्स
अंकेक्षण में सामने आया कि सूची में शामिल वाहनों का टैक्स अलग-अलग अवधि से लंबित है. इनमें कई ऐसे वाहन भी हैं, जिनके मालिकों ने अंतिम बार वर्ष 2019 से 2021 के बीच कर जमा किया था. सूची में हल्के मालवाहक वाहनों के अलावा तीन पहिया मालवाहक वाहन भी शामिल हैं.
लंबे समय से कर जमा नहीं होने के कारण इन वाहनों से संबंधित राजस्व विभाग के पास लंबित है. अंकेक्षण दल की आपत्ति के बाद अब परिवहन विभाग ने बकाया कर की वसूली के लिए संबंधित वाहन मालिकों को सूचना जारी की है.
15 दिनों में जमा करनी होगी बकाया राशि
डीटीओ कार्यालय की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि सूचना प्रकाशन की तारीख से 15 दिनों के भीतर अंकेक्षण दल की आपत्ति के अनुरूप बकाया परिवहन कर जिला परिवहन कार्यालय में जमा करना होगा. प्रत्येक वाहन पर बकाया राशि अलग-अलग है. उपलब्ध विवरण के अनुसार कई वाहनों पर चार हजार से 10 हजार रुपये तक की देनदारी है, जबकि कुछ वाहनों पर 20 हजार रुपये से अधिक का टैक्स भी बकाया है.
विभाग ने निर्धारित अवधि के भीतर बकाया राशि जमा नहीं करने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी है. हालांकि, उपलब्ध सूचना में कार्रवाई की प्रकृति का विस्तृत उल्लेख नहीं किया गया है.
कुल बकाये की राशि स्पष्ट नहीं
मालवाहक वाहनों से मिलने वाला परिवहन कर विभाग के राजस्व का महत्वपूर्ण हिस्सा है. ऐसे में 260 वाहनों पर लंबे समय से कर बकाया होने का मामला सामने आने के बाद विभाग का जोर अब लंबित राशि की वसूली पर है. अंकेक्षण आपत्ति के आधार पर वाहन मालिकों को भुगतान के लिए समयसीमा दी गयी है.
हालांकि, जारी सूचना में 260 वाहनों पर बकाया कर की कुल राशि का योग उपलब्ध नहीं है. इसलिए सभी वाहनों पर लंबित टैक्स की कुल रकम का निश्चित आंकड़ा फिलहाल बताना उचित नहीं होगा. विभाग की ओर से वाहनवार बकाया राशि के आधार पर वसूली की प्रक्रिया आगे बढ़ायी जा रही है.
