धनबाद में फर्जी सर्टिफिकेट बनाकर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. किडनी केयर अस्पताल के संचालक डॉ मिहिर कुमार ने दीपांकर नाथ नामक व्यक्ति पर जाली दस्तावेज उपलब्ध कराने और 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है. उनकी लिखित शिकायत पर दीपांकर नाथ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है.
सरकारी व अन्य संस्थाओं से टाईअप कराने का दिया था झांसा
डॉ मिहिर कुमार ने बताया कि वह नावाडीह स्थित किडनी केयर अस्पताल के संचालक हैं. उनके स्टाफ सूरज आनंद और अमित मंडल के माध्यम से मनोरम नगर सर्वमंगला टावर निवासी दीपांकर नाथ से संपर्क हुआ था. दीपांकर ने विभिन्न सरकारी व अन्य संस्थाओं से टाईअप कराने का भरोसा दिलाया था. उसने रेलवे, बीसीसीएल, सीजीएचएस, टीपीए और अन्य संस्थानों के साथ अस्पताल का टाईअप कराने के नाम पर 15 लाख रुपये लिये. भरोसा दिलाया कि सभी आवश्यक प्रमाण पत्र और सरकारी स्वीकृतियां उपलब्ध करा दी जायेंगी. इसके बाद उसने कई दस्तावेज व सर्टिफिकेट सौंपे, जो देखने में असली प्रतीत हो रहे थे. दीपांकर ने यह भी दावा किया था कि वह पीसीपीएनडीटी सर्टिफिकेट भी बनवा देगा. कुछ समय बाद संबंधित विभागों से संपर्क करने पर पता चला कि उपलब्ध कराये गये दस्तावेज और सर्टिफिकेट फर्जी हैं.
