धनबाद : पीएमसीएच में एमबीबीएस की सीटें 50 से 100 करने के लिए एमसीआइ को फिर से बुलाने की तैयारी है. इसके लिए सोमवार को तीन लाख 54 हजार रुपये का डिमांड ड्राफ्ट भेजा जायेगा. इसके बाद भी अगर कमियों का हवाला देते हुए एमसीआइ ने सीटें नहीं बढ़ायीं, तो इस बार भी 50 सीटों पर ही नामांकन लिया जायेगा.
2017 में 100 से 50 सीट कर दी गयी थी : वर्ष 2017 में एमसीआइ की टीम ने पीएमसीएच के निरीक्षण के दौरान कई कमियां पायी थीं. इसके बाद संस्थान में 50 सीटों की कटौती कर दी गयी थी.
इससे पूर्व सत्र 2013-14 में भी आधारभूत संरचना और फैकल्टी की कमी के आधार पर एमसीआइ ने पीएमसीएच की सीटें घटा कर 100 से 50 कर दी थी. झारखंड सरकार के तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र सिंह के प्रयास से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मामले में हस्ताक्षेप किया था. तब जाकर एमसीआइ ने पीएमसीएच में 100 सीटों पर नामांकन की स्वीकृति दी थी.
पिछली बार मिली थीं सात कमियां
अगस्त 2019 के निरीक्षण में एससीआइ ने 100 एमबीबीएस सीटों के लिए पीएसमीएच में सात कमियों को चिह्नित किया था. इन कमियों में केवल ऑक्सीजन की पाइप लाइन की कमी को दूर किया गया है. छह अन्य कमियां शक्षिकों की कमी, सेंट्रल रिसर्च लैब, अस्पताल में 180 सीटों के लेक्चरर थिएटर, नर्सिंग स्टाफ, बाल चिकत्सिा वार्ड में वेंटिलेशन, वरिष्ठ सिटीजन ट्यूटर की कमी हैं.
