धनबाद : सड़क पर पार्किंग, ट्रैफिक पुलिस की कमी, यातायात नियमों का उल्लंघन, ये तीन बड़े कारण हैं शहर में जाम लगने के. लोग जाम में फंसते हैं, व्यवस्था को कोसते हैं और फिर आगे निकल जाते हैं. हालांकि सड़क जाम से मुक्ति के लिए प्रशासन की तरफ से प्रयास किये गये. मिसाल के तौर पर सड़कों का चौड़ीकरण, वन वे, ट्रैफिक पोस्ट की व्यवस्था आदि.
सड़क पर पार्किंग, ट्रैफिक पुलिस की कमी, नियमों का उल्लंघन... तो क्याें न लगे जाम
धनबाद : सड़क पर पार्किंग, ट्रैफिक पुलिस की कमी, यातायात नियमों का उल्लंघन, ये तीन बड़े कारण हैं शहर में जाम लगने के. लोग जाम में फंसते हैं, व्यवस्था को कोसते हैं और फिर आगे निकल जाते हैं. हालांकि सड़क जाम से मुक्ति के लिए प्रशासन की तरफ से प्रयास किये गये. मिसाल के तौर […]

लेकिन हालत कुछ ‘मर्ज बढ़ता ही गया ज्यों-ज्यों दवा की’ सी हो गयी. दूसरी ओर कई योजनाएं सरकारी फाइलों में दबी पड़ी हैं. जैसे सभी ऑटो के शहर में प्रवेश पर रोक. फ्लाइ ओवर का निर्माण आदि.सड़क चौड़ीकरण का नहीं मिल रहा लाभ : शहर की मुख्य सड़कों का चौड़ीकरण किया गया. नयी सड़क बनायी गयी.
डिवाइडर बनाया गया. गाड़ियां सरपट दौड़नी चाहिए. मगर ऐसा नहीं हो पा रहा है. क्योंकि जितनी सड़कें चौड़ी हुई उससे ज्यादा हिस्से पर वाहनों की अवैध पार्किंग होने लगी है. भूईंफोड़ से रणधीर वर्मा चौक और सिटी सेंटर के पास सड़कों पर वाहनों की पार्किंग कभी भी देखी जा सकती है. गोविंदपुर-धनबाद रोड (एनएच-32) पहले 10 मीटर चौड़ी थी. मगर अब वह 21 मीटर चौडी ह.
बीच में 1.2 मीटर का डिवाइडर है और सड़क की दोनों ओर 1.3 मीटर का नाला बनाया गया है. इसके बाद भी सड़क लगभग नौ मीटर चौड़ी हुई है. लेकिन सड़क के दोनों किनारों पर भारी संख्या में पार्किंग होती है. कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर दुकानें खोल ली हैं. प्रशासन इस पर कोई कार्रवाई नहीं करता है.