धनबाद : 17 साल की युवती को परिजन मृत समझ दफनाने के लिए शमशान ले गये. मगर वह जीवित थी. पूर्वी टुंडी की पुलिस ने उसे पीएमसीएच में भर्ती कराया. उसकी स्थिति गंभीर है. इलाज चल रहा है. घटना गोविंदपुर थाना क्षेत्र के ढेकजोड़ा की है.
जली हुई मिली थी लड़की : सरस्वती हेम्ब्रम की शादी निरसा गोड़गा निवासी रूपलाल के साथ होनी थी. रूपलाल उसे अपने साथ ले गया था और अपने पहचान वाले पूर्वी टुंडी पियारसोला निवासी सुनील मुर्मू को सौंप दिया. यह बात दिसंबर की है. सुनील के घर में सरस्वती जली हुई मिली. सरस्वती के परिजनों ने मामले की शिकायत पूर्वी थाना में की.
पहले भी पीएमसीएच में किया गया था इलाज : आग से झुलस जाने के बाद चार जनवरी को सरस्वती को इलाज के लिए पीएमसीएच में भर्ती कराया गया. उसके शरीर का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा झुलस गया था. इलाज के बाद 21 जनवरी को परिजन अपने साथ घर ले गये. आज दोपहर में सरस्वती देवी बेहोश हो गयी. परिजनों ने समझा कि उसकी मौत हो गयी है. इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गये. लोग श्मशान में उसे दफनाने के लिए गड्ढा कर रहे थे. इसी बीच किसी ने पुलिस को मामले की जानकारी दे दी.
डीएसपी हिमांशु चंद्र मुर्मू ने बताया कि लड़की को दफनाये जाने की सूचना पाकर जब पूर्वी टुंडी पुलिस पहुंची तो पाया कि उसकी सांस चल रही है. उसे इलाज के लिए पीएमसीएच ले जाया गया.
