झारखंड: सीएम हेमंत सोरेन का बड़ा फैसला, वापस लिया जाएगा 3000 लोगों से राजद्रोह का केस

धनबाद : बिना अनुमति मंगलवार को सीएए, एनआरसी और एनआरपी के खिलाफ जुलूस निकाले जाने को लेकर दर्ज प्राथमिकी में से राजद्रोह की धारा को पुलिस ने बुधवार को वापस ले लिया. पुलिस ने उसे भूलवश की गयी कार्रवाई बताया है. बुधवार को एसएसपी किशोर कौशल ने प्राथमिकी देखने के बाद सिटी एसपी को इस […]

धनबाद : बिना अनुमति मंगलवार को सीएए, एनआरसी और एनआरपी के खिलाफ जुलूस निकाले जाने को लेकर दर्ज प्राथमिकी में से राजद्रोह की धारा को पुलिस ने बुधवार को वापस ले लिया. पुलिस ने उसे भूलवश की गयी कार्रवाई बताया है.
बुधवार को एसएसपी किशोर कौशल ने प्राथमिकी देखने के बाद सिटी एसपी को इस धारा को हटाने का निर्देश दिया. हालांकि बाकी धाराएं रहेंगी. उसमें कुछ धाराएं गैरजमानतीय भी हैं. बताते चलें कि इस मामले को लेकर धनबाद थाना में सात लोगों मो सैयद शहवाज, मो साजिद उर्फ शाहिद, मो हाजी आरिफ जमीर, मो सद्दाम, अली अकबर, मो नौशाद और मौलाना गुलाम नबी और 3000 अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है.
उन पर पुलिस ने भादवि की धारा 124 ए, 153 ए, 336, 291, 290, 188, 186, 149, 148 और 143 के तहत मामला दर्ज किया है. उनमें से 124 ए धारा को हटा दिया गया. एसएसपी किशोर कौशल ने कहा कि मामले की जांच में राजद्रोह का मामला नहीं मिला है.
कानून जनता को डराने के लिए नहीं है: हेमंत सोरेन
रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने धनबाद में सीएए और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन करने पर 3000 लोगों पर लगे राजद्रोह के मुकदमा को वापस लेने का आदेश दिया है. साथ ही दोषी अधिकारियों के खिलाफ समुचित कार्रवाई की अनुशंसा की है. इस आदेश के बाद उन्होंने कहा कि
कानून जनता को डराने एवं उनकी आवाज दबाने के लिए नहीं बल्कि आम जन-मानस में सुरक्षा का भाव उत्पन्न करने को होता है.

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