सिंदरी विधानसभा : मासम का महागठबंधन का हिस्सा नहीं बनना भाजपा के लिए रहा शुभ

धनबाद/गोविंदपुर : सिंदरी विधानसभा क्षेत्र में मासस प्रत्याशी आनंद महतो लगातार पांचवीं बार हार गये हैं. झारखंड बनने के बाद इस लालगढ़ में भगवा फहराने का जो दौर शुरू हुआ, वह 2009 एक बार छोड़ कर जारी रहा. 2009 में झाविमो उम्मीदवार के रूप में फूलचंद मंडल ने आनंद महतो को लगभग 3700 मतों से […]

धनबाद/गोविंदपुर : सिंदरी विधानसभा क्षेत्र में मासस प्रत्याशी आनंद महतो लगातार पांचवीं बार हार गये हैं. झारखंड बनने के बाद इस लालगढ़ में भगवा फहराने का जो दौर शुरू हुआ, वह 2009 एक बार छोड़ कर जारी रहा. 2009 में झाविमो उम्मीदवार के रूप में फूलचंद मंडल ने आनंद महतो को लगभग 3700 मतों से पराजित किया था. यहां भाजपा की जीत में पहले की तरह इस बार भी त्रिकोणीय संघर्ष का होना एक कारण रहा.

यहां बतौर झामुमो उम्मीदवार फूलचंद मंडल ने 33 हजार से अधिक मत लाकर भाजपा की जीत को आसान कर दिया. हालांकि मासस प्रत्याशी लगातार संघर्ष करते रहे. साथ ही अल्पसंख्यक मतों का जब मासस प्रत्याशी की ओर ध्रुवीकरण हुआ, तब बहुसंख्यक मत भाजपा की ओर से खुद-ब-खुद चले गये. पहले, दूसरे और तीसरे राउंड तक मासस प्रत्याशी तीसरे स्थान पर रहे, जबकि झामुमो प्रत्याशी दूसरे स्थान पर. भाजपा प्रत्याशी शुरू से ही एक नंबर पर चल रहे थे. अल्पसंख्यक बूथों पर भी मासस के अलावा झामुमो को भी वोट मिले.

आदिवासी बहुल बूथों पर झामुमो का एकाधिकार रहा. कुड़मी बहुल बूथों पर पहले की तरह मासस का दबदबा जरूर रहा, लेकिन यहां भी भाजपा व आजसू को वोट मिले. भाजपा प्रत्याशी इंद्रजीत महतो के लिए शुभ यह रहा कि फूलचंद मंडल अपनी जाति का वोट लेने में नाकाम रहे. उनकी मंडल जाति का अधिकांश वोट पहले की तरह भाजपा को ही मिला. झामुमो ने यहां मासस को ही अधिक क्षति पहुंचायी. इससे पहले वर्ष 2000 में आनंद महतो 47743, 2005 में 70003, 2009 में 3760 और 2014 में 6548 मतों से क्रमश: भाजपा प्रत्याशी फूलचंद मंडल, राजकिशोर महतो, झाविमो के फूलचंद मंडल व फिर भाजपा के फूलचंद मंडल के हाथों हार गये थे. उस समय भी झामुमो तीसरे स्थान पर ही था.

20 हजार अधिक मत लाकर भी मासस की हुई हार : इंद्रजीत महतो बलियापुर क्षेत्र से जिला परिषद सदस्य हैं. उनकी पत्नी तारा देवी भी सदस्य रह चुकी हैं. लगे हाथ भाजपा ने प्रदेश कार्यसमिति का सदस्य बनाया फिर 20 सूत्री कार्यान्वयन समिति के उपाध्यक्ष बनाये गये. इसके बाद वह लगातार क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहे. इसी बीच इंद्रजीत महतो को टिकट मिला तो विधायक फूलचंद मंडल बागी हो गये. वह झारखंड मुक्ति मोर्चा के टिकट पर मैदान में उतर गये. कई कार्यकर्ता भी उनके साथ चले गये. इससे इंद्रजीत महतो को कई परेशानियां झेलनी पड़ी. लेकिन जनता भाजपा के साथ थी. इसके कारण 80000 से अधिक मत लाये. हालांकि निकटतम प्रतिद्वंदी रहे मासस प्रत्याशी आनंद महतो को पिछली बार की तुलना में करीब 20,000 अधिक मत मिले, इसके बावजूद उन्हें पराजित होना पड़ा.

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