धनबाद : हैदराबाद में वेटनरी महिला डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या और रांची में लॉ की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म की घटनाओं ने देश भर के लोगों को झकझोर कर रख दिया है.
बेटियों-महिलाओं की सुरक्षा पर फिर से बहस शुरू हो गयी है. कानून कैसे इस तरह की घटनाओं को रोके, पुरुष मानसिकता में कैसे बदलाव इस पर लोगों की तरह-तरह की राय सामने आ रही हैं. दूसरी ओर भले ही दिल दहला देने वाली कुछ घटनाओं के बाद इस तरह का मसला चिंता का विषय बनता है.
लेकिन आंकड़े बताते हैं कि हमेशा कहीं न कहीं किसी जगह पर महिलाओं का उत्पीड़न हो रहा होता है. धनबाद पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक इस साल 10 महीने में 55 दुष्कर्म और 110 पोक्सो एक्ट के तहत मामले दर्ज हुए हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में दुष्कर्म के मामले शहरी क्षेत्रों से अधिक हुए हैं.
55 दुष्कर्म मामले में 30 ग्रामीण क्षेत्रों के थानों में दर्ज हुए हैं. वहीं 110 पोक्स एक्ट में 65 मामले ग्रामीण क्षेत्रों के हैं. इन मामलों में लगभग आरोपी जेल में हैं. दूसरी ओर जिले में एंटी टीजिंग स्क्वॉयड का जिम्मा महिला थाना का है, लेकिन यहां की पुलिस पिछले कई माह से एंटी टीजिंग सेल क्षेत्र में निकली तक नहीं है. कारण यह बताया गया कि इसके लिए गाड़ी नहीं है.
