शहर की तीन लाख आबादी प्रभावित
धनबाद : मैथन जलापूर्ति योजना से चौथे दिन शहर के 19 में से केवल चार जलमीनारों से ही सप्लाइ की गयी. 15 जलमीनार बुधवार को भी सूखे ही रह गये.
इससे तीन लाख से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है. हैरत की बात है कि शहर में जलापूर्ति सुधरने के लिए निरसा में चलाये गये अवैध कनेक्शन काटो अभियान के कारण शहरवासी चार दिन से पानी के लिए परेशान हैं. अभियान का लाभ तो शहरवासियों को नहीं हुआ, लेकिन परेशानी जरूर बढ़ गयी. दुर्गा पूजा में पानी के लिए लोग भटक रहे हैं.
सुबह होते ही चापाकलों पर लोगों की भीड़ लग रही है. 29 सितंबर को आधे शहर में सप्लाइ की गयी. इसके बाद 30 सितंबर को 10 जलमीनार सूखे रह गये. एक अक्तूबर को शहर में कहीं भी सप्लाइ नहीं हुई. बुधवार को चार जलमीनार से सप्लाइ हुई.
आधा घंटा ही चला पानी : आज पहले गोल्फ ग्राउंड जलमीनार भरा. दोपहर करीब तीन बजे सप्लाइ की गयी. इसके बाद 4.20 बजे हीरापुर, 4.30 बजे मेमको और अंत में 6 बजे चीरागोड़ा जलमीनार से सप्लाइ की गयी. इलाकों में पानी पहुंचते ही लोगों के चेहरे खिल गये. इन इलाकों में पानी बहुत देर तक नहीं चला. करीब आधे घंटे में नल बंद हो गया. जलमीनार से जुड़े अंतिम छोर वाले इलाकों के लोगों को दो से तीन गैलन ही पानी मिल पाया.
इन जलमीनारों से नहीं हुई सप्लाइ
मटकुरिया, धोबाटांड़, गांधी नगर, धनसार, पुराना बाजार, मनईटांड़, बरमसिया, पुलिस लाइन, हिल कॉलोनी, स्टीलगेट, वासेपुर, भूली, पॉलीटेक्नि, भूदा, पीएमसीएच जलमीनार से सप्लाई नहीं हुई है.
इन इलाकों में अधिक संकट
शहर के पुराना बाजार, मनईटांड़, मटकुरिया, गांधी नगर, बरमसिया, धनसार जलमीनार क्षेत्र में अधिक संकट.
क्या कहते हैं अधिकारी
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सहायक अभियंता राहुल प्रियदर्शी ने बताया कि पानी पहुंच गया है. बचे हुए जलमीनारों से गुरुवार को सप्लाइ की जायेगी.
पहले अवैध कनेक्शन काटने के लिए मोटर बंद किया, फिर तकनीकी खराबी से बिजली कट गयी
शहर में एक वक्त पानी पर भी आफत है. रोजाना आधे शहर में जलापूर्ति नहीं हो रही है. इसमें सुधार हो इसके लिए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने सोमवार को निरसा में अवैध कनेक्शन काटने का काम किया.
लेकिन हंगामा खड़ा हो गया. काटे गये सभी कनेक्शन को फिर से जोड़ लिया गया है. इधर शहर की सप्लाइ भी बाधित हो गयी. विदित हो कि निरसा क्षेत्र में राइजिंग पाइप से अवैध कनेक्शन काटने के लिए 30 सितंबर की सुबह में मैथन में लगे मोटर को बंद करा दिया गया था. लिहाजा मैथन डैम से भेलाटांड़ वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में दिन को 11 बजे से पानी आना बंद हो गया. भेलाटांड़ वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में लगा चारों मोटर को बंद कर दिया गया. कनेक्शन काटने के बाद रात में मोटर चालू होना था. डैम से प्लांट तक पानी आने में करीब पांच से छह घंटे लगते हैं.
वहीं एक सितंबर की सुबह 9 बजे मैथन में बिजली में खराबी आ गयी. डीवीसी की ओर से खराबी को दूर करने में 11.30 घंटे का समय लग गया. रात करीब 8.30 बजे बिजली लौटी. इसके बाद पेयजल विभाग ने मैथन में मोटर चालू किया. बुधवार की सुबह 6 बजे पानी प्लांट पहुंचा. ट्रीटमेंट की प्रक्रिया होने के बाद जलमीनारों में छोड़ा गया.
