धनबाद : धनबाद में निकट भविष्य में कॉमर्शियल एयरपोर्ट बनने की संभावना लगभग समाप्त हो गयी है. बोकारो एयरपोर्ट बनने के कारण सरकार फिलहाल धनबाद प्रोजेक्ट को आर्थिक रूप से लाभप्रद नहीं मान रही है. इससे धनबाद में एयरपोर्ट को लेकर अभियान को करारा झटका लगा है.
कहां फंस गया मामला : धनबाद में एयरपोर्ट को लेकर मुख्यमंत्री जनसंवाद में उठाये गये एक सवाल के जवाब में झारखंड के परिवहन एवं नागर विमानन विभाग के निदेशक कैप्टन एसपी सिन्हा ने बताया कि भारत सरकार की रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत बोकारो से उड़ान सेवा शुरू करने का प्रस्ताव स्वीकृत है. बोकारो में हवाई अड्डा का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है.
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा धनबाद में एयरपोर्ट की संभावना को लेकर एक स्टडी कराया गया था. इस रिपोर्ट में कहा गया कि चूंकि बोकारो में नियमित हवाई सेवा जल्द शुरू होने वाली है. धनबाद से बोकारो की दूरी भी बहुत अधिक नहीं है. ऐसे में धनबाद में नये एयरपोर्ट का निर्माण कराना तथा यहां हवाई सेवा शुरू करना आर्थिक रूप से बहुत लाभदायक नहीं होगा.
वर्षों से चल रही एयरपोर्ट की मांग
धनबाद में एयरपोर्ट की मांग बहुत पुरानी है. यहां के लोग इसको लेकर कई बार सड़क पर उतर चुके हैं. चेंबर ऑफ कॉमर्स की तरफ से पिछले वर्ष बैलगाड़ी जुलूस निकाला गया था. साथ ही पोस्टकार्ड अभियान भी चलाया गया था. तत्कालनी नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने यहां एक कार्यक्रम में धनबाद में हवाई सेवा शुरू कराने की घोषणा की थी.
यहां इंटरनेशनल कॉमर्शियल एयरपोर्ट बनाने के लिए बलियापुर में लगभग दो सौ एकड़ जमीन भी चिह्नित की गयी थी. जबकि केंद्र सरकार ने इसके लिए यहां 450 से 500 एकड़ जमीन की मांग की गयी थी.
लोकसभा चुनाव में बना था मुद्दा
2019 के लोकसभा चुनाव में धनबाद में एयरपोर्ट बड़ा मुद्दा बना था. भाजपा एवं कांग्रेस प्रत्याशी ने चुनाव जीतने के बाद यहां एयरपोर्ट को प्राथमिकता के आधार पर उठाने का वादा किया था. लेकिन चुनाव के बाद सब ठंडा पड़ गया.
