धनबाद: आठ जुलाई को पेश हो रहे मोदी सरकार के पहले रेल बजट में क्या धनबाद रेल मंडल को राजनीतिक उपेक्षा से मुक्ति मिलेगी? यह लाख टके का सवाल है जिसका जवाब धनबाद के यात्रियों को देने वाला अभी कोई नहीं.
कमाई में देश के टॉप तीन रेल मंडल में शामिल धनबाद डिवीजन यात्री सुविधा के मामले में हमेशा छला जाता रहा है. बीते वित्तीय वर्ष 2013-14 में धनबाद रेल मंडल ने 9200 करोड़ रुपये रिकॉर्ड राजस्व वसूली की. इसके बावजूद धनबाद के खाते में कुछ नहीं आया. इस बार रेल बजट में धनबाद के यात्री अच्छे दिन की आस लगाये हुए हैं.
धनबाद से नयी दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई के लिए सीधी ट्रेन चलाने की मांग वर्षो से होती आ रही है. कई बार धनबाद रेल मंडल, पूर्व मध्य रेल हाजीपुर जोन स्तर से धनबाद से नयी ट्रेनें चलाने की अनुशंसा की जा चुकी है. लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगती है. धनबादवासियों के नसीब में वही नयी ट्रेनें आती है जो वाया धनबाद गंतव्य के लिए चलती है. अलग झारखंड राज्य बनने के बाद धनबाद को केवल नौ ट्रेनें ही मिली.
सांसद ने रेल मंत्री को भेजा पत्र
सांसद पशुपति नाथ सिंह ने रेल मंत्री को एक पत्र भेज कर रेल बजट में धनबाद के लिए दस नयी ट्रेन चलाने की मांग की है. श्री सिंह ने कहा कि यूपीए सरकार में लगातार धनबाद रेल मंडल की उपेक्षा होती रही. उन्होंने धनबाद से नयी दिल्ली के लिए एक सुपर फास्ट ट्रेन, धनबाद से यशवंतपुर, अहमदाबाद, दरभंगा के लिए सीधी ट्रेन देने की मांग की है. साथ ही बोकारो से पलामू, आद्रा से बोकारो के बीच डीएमयू चलाने की मांग की है. सांसद ने बताया कि रेल मंत्री के साथ इन मुद्दों को ले कर 26 जून को बैठक तय हुई थी. लेकिन, छपरा में राजधानी एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने तथा रेल मंत्री के बिहार चले जाने के कारण बैठक टल गयी. कहा कि धनबाद के साथ न्याय हो, इसके लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है.
तीन ट्रेन की हुई है अनुशंसा
मंडल एवं जोन स्तर से इस बार रेल बजट में धनबाद को तीन नयी ट्रेनें देने की अनुशंसा की गयी है. वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक दयानंद के अनुसार धनबाद से नयी दिल्ली, धनबाद से बेंगलुरु के लिए नयी ट्रेन चलाने तथा एलेप्पी एक्सप्रेस का फूल रैक चलाने की अनुशंसा की गयी है. एलेप्पी एक्सप्रेस में धनबाद से फिलहाल 12 कोच ही लगता है. जबकि दस बोगी टाटा नगर स्टेशन से आती है जो राउरकेला में जुड़ती है. धनबाद से एलेप्पी एक्सप्रेस में 22 कोच लगाने की अनुशंसा की गयी है, ताकि ट्रेन में होने वाली भीड़ को नियंत्रित किया जा सके.
