धनबाद: सांसद पशुपति नाथ सिंह ने कहा है कि झारखंड में एम्स खोलने के मुद्दे पर हेमंत सरकार राजनीति कर रही है. झारखंड में एम्स का तोहफा मोदी सरकार ने दिया है. इसमें मनमोहन सरकार की कोई भूमिका नहीं है.
सोमवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में सांसद ने कहा कि एम्स कहां खुले इसको ले कर हेमंत सरकार में मतभेद है. मुख्यमंत्री को इस मामले को कैबिनेट में लाना चाहिए. मुख्यमंत्री संताल परगना तो राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बोकारो में एम्स खोलने की बात कह रहे हैं. उन्होंने कहा कि एम्स के लिए धनबाद सबसे उपयुक्त स्थल है.
धनबाद में हर तरह की सुविधा है. रेल एवं सड़क का बेहतर नेटवर्क है. अच्छे स्कूल हैं. यहां एम्स खुले तो बाहर के डॉक्टर आ सकते हैं. संताल परगना में बाहर के डॉक्टर नहीं जाना चाहेंगे. कहा कि यूपीए नेताओं का यह दावा गलत है कि झारखंड में एम्स खोलने के प्रस्ताव को मनमोहन सरकार ने ही मंजूरी दी थी. उनके पास यूपीए टू सरकार के मंत्री का लिखित जवाब है जिसमें स्पष्ट लिखा है कि झारखंड में एम्स की शाखा खोलने की कोई योजना नहीं है.
राज्य में भी बदलाव के संकेत
सांसद ने कहा कि राज्य की जनता हेमंत सरकार से ऊब चुकी है. राज्य में भी बदलाव का माहौल है. श्री सिंह ने शहर के कुछ इलाका में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान की निंदा करते हुए कहा कि बारिश के समय किसी का आशियाना नहीं उजाड़ा जाना चाहिए. इस दौरान भाजपा नेता राज कुमार सिंह नन्हकी, संजय झा, नितिन भट्ट, चुना सिंह, मिल्टन पार्थ सारथी भी मौजूद थे.
