धनबाद : निगरानी के विशेष न्यायाधीश ओमप्रकाश पांडेय की अदालत ने घूसखोरी के मामले में सोमवार को अपना फैसला सुनाते हुए जिला उद्योग केंद्र धनबाद के पूर्व रोकड़ पाल अनुज सिंह को पीसी एक्ट की धारा 7 में दो वर्ष पांच हजार व 13 (2) सह पठित 13 (1)(डी) में दोषी पाकर तीन वर्ष कैद व नौ हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनायी.
दोनों सजाएं एक साथ चलेगी. जुर्माना राशि अदा नहीं करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी. सजा के बिंदु पर विशेष लोक अभियोजक अनिल कुमार सिंह ने बहस की. बाद में अदालत ने सजायाफ्ता को झारखंड हाइकोर्ट में क्रिमिनल अपील याचिका दायर करने के लिए अंशकालिक जमानत दे दी.
ज्ञात हो कि आरोपी रोकड़ पाल ने 4 अप्रैल 06 को डिगवाडीह निवासी अनिल कुमार सिन्हा से लोन पास कराने के एवज में 1400 रुपये रिश्वत की मांग की. सिन्हा ने इसकी शिकायत निगरानी विभाग से की. निगरानी टीम ने 8 अप्रैल 06 को अनुज सिंह को अनिल कुमार सिन्हा से एक हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथों धर दबोचा था.
