धनबाद : भूली में छात्रा से रेप का मामला उजागर होने के दूसरे दिन मंगलवार को एसएसपी की पहल पर प्राथमिकी दर्ज की गयी और दोनों आरोपितों को जेल भेज दिया गया. सोमवार को पुलिस ने छात्रा से ‘मेरे साथ रेप जैसी कोई घटना नहीं हुई’ लिखवा कर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की.
लेकिन छात्राओं का कहना था कि पुलिस ने दबाव देकर ऐसा कराया. मुख्य आरोपी रिशु सिंह के पिता पंकज सिंह भूली मंडल भाजपा के उपाध्यक्ष हैं. वह डी ब्लॉक में रहते हैं.
रिशु छात्र है. उसके पिता ठेकेदारी भी करते हैं. जबकि घटना के दौरान निगरानी करने का आरोपी सावन पांडेय के पिता बीसीसीएल कर्मी हैं. सावन भी छात्र है. दोनों को भूली पुलिस ने सोमवार को ही पकड़ा था. प्राथमिकी भूली ओपी में दर्ज की गयी है.
और लिया आवेदन : एसएसपी किशोर कौशल ने मामले को लेकर मंगलवार की सुबह पीड़िता छात्रा व उसकी सहेली को अपने आवासीय कार्यालय में बुलाया. भूली ओपी प्रभारी प्रवीण कुमार भी मौजूद थे.
उन्होंने पीड़िता से अकेले में भी पूछताछ की. पीड़िता ने घटना बयान किया और दुष्कर्म की बात कह कर आवेदन दिया. जिस पर प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई शुरू हुई. उसके बाद पकड़े गये दोनों युवकों को जेल भेज दिया गया.
बोले एसएसपी
छात्राओं को पुलिस ने सोमवार को किसी तरह की धमकी नहीं दी थी. उन्होंने खुद से यह लिख कर दिया था कि उनके साथ किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं घटी है. मंगलवार को दोनों छात्राओं से खुद बातचीत करने पर पता चला कि छात्रा के साथ दुष्कर्म की घटना घटी है. इसके बाद छात्रा से लिखित आवेदन लेकर दुष्कर्म की प्राथमिकी दर्ज कर दोनों युवकों को जेल भेज दिया गया.
किशोर कौशल, एसएसपी, धनबाद
कब- कैसे-क्या हुआ
16 दिसंबर : शहर के एक होटल में निर्भया की बरसी पर आयोजित कार्यक्रम में एक छात्रा ने अपने संबोधन में कहा कि कल ही (15 दिसंबर) उसकी एक सहेली के साथ थाने के समीप एक निर्माणाधीन इमारत में रेप किया गया है. लेकिन उसके घरवाले लोक-लाज के डर से पुलिस में नहीं जा रहे हैं.
17 दिसंबर : इस खुलासे के सार्वजनिक होने के बाद पुलिस हरकत में आयी. पीड़िता और मामले का खुलासा करने वाली उसकी सहेली से पूछताछ की गयी. आरोपित युवकों को हिरासत में ले लिया गया.
लेकिन महिला थाना में कोई पांच घंटे तक चले हाइ वोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस ने पीड़िता से यह लिखवा कर ले लिया कि उसके साथ रेप जैसी कोई घटना नहीं घटी है.
उस पर मामले का खुलासा करने वाली छात्रा का हस्ताक्षर भी ले लिया गया. जबकि लड़कियों का कहना था कि उन पर दबाव देकर ऐसा किया गया है. पहले के उनके आवेदन पुलिस ने फड़वा दिये. वे आखिर किस-किस से लड़ें.
