धनबाद : जमीन की खरीद-बिक्री में हो रहे फर्जीवाड़ा को देखते हुए एसडीओ राज महेश्वरम ने गुरुवार को निबंधन कार्यालय परिसर में छापामारी की. छापामारी के दौरान दीपक लाहा, गौतम रक्षित, वोल्टा बनर्जी व सचि महतो पकड़े गये.
पूछताछ के क्रम में चारों अभियुक्तों ने लाइसेंसी डीड राइटर क्रमश: सुनील चंद्र लाहा, नाड़ू गोपाल रक्षित, अधिवक्ता अशोक कुमार सिन्हा व आशीष कुमार दत्ता का सहयोगी बताया. एसडीओ ने संबंधित डीड राइटर से इसकी पुष्टि करने के बाद चारों को छोड़ दिया. सभी डीड राइटरों को हिदायत दी गयी जो भी लाइसेंसी डीड राइटर हैं वे अपने सिरिस्ता के सामने नाम व लाइसेंस नंबर अंकित करें. अपने साथ सिर्फ दो सहायक को रखें और इसकी सूची विभागीय पदाधिकारी को दें. अचानक छापामारी से फर्जी डीड राइटरों में हड़कंप मच गया. छापामारी के कारण आज रजिस्ट्री का काम कुछ देर के लिए प्रभावित रहा
आठ फर्जी डीड के नाम पर रजिस्ट्री, एफआइआर : जमीन की खरीद-बिक्री मामले में आठ फर्जी डीड के नाम पर रजिस्ट्री मामले में एफआइआर दर्ज हो चुकी है. कुछ मामले की जांच चल रही है. फर्जी तरीके से जिन जमीन की रजिस्ट्री करायी गयी है, उनमें गैर-आबाद, फर्जी परमिशन आदि मामले शामिल हैं. फर्जी मामले में अधिवक्ता आरबी सिंह जेल में हैं.
कैसे होता है फर्जीवाड़ा
गैर आबाद जमीन या सीएनटी एक्ट की जमीन को फर्जी परमिशन मामले में दलाल व फर्जी डीड राइटर मिलकर दस्तावेज तैयार करते हैं. दस्तावेज तैयार करने के बाद किसी लाइसेंसी को कुछ पैसे देकर उनके नाम से रजिस्ट्री के लिए दस्तावेज प्रस्तुत करते हैं. खरीदार से मोटी रकम लेकर दस्तावेज की रजिस्ट्री कराते हैं. रजिस्ट्री होने के बाद जब खरीदार जमीन का पोजीशन लेने जाता है तो उसे फर्जीवाड़ा का पता चलता है. इस तरह के कई मामले अवर निबंधक कार्यालय में आये हैं. अवर निबंधक संतोष कुमार ने कहा कि वैसे लोग जिनकी फर्जी तरीके से जमीन की रजिस्ट्री करायी गयी है और वे ठगी के शिकार हो गये हैं, वे सीधे अवर निबंधक कार्यालय में संपर्क करें. उनके मामले को भी गंभीरता से लेते हुए कानूनी प्रक्रिया शुरू करायी जायेगी.
फर्जी डीड राइटरों की कैंपस में इंट्री बंद : अवर निबंधक
अवर निबंधक संतोष कुमार ने कहा कि 41 डीड राइटरों को लाइसेंस मिला है. इनमें कुछ की मृत्यु हो चुकी है. फिलवक्त लाइसेंसी 35 डीड राइटर हैं. अब सिर्फ लाइसेंसी डीड राइटर ही दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे. फर्जी डीड राइटरों को कैंपस में इंट्री पर रोक लगा दी गयी है. सभी लाइसेंसी डीड राइटरों को अपने बॉक्स में नाम व लाइसेंस नंबर अंकित करने का निर्देश दिया गया है. उन्हें सिर्फ दो सहायक रखने का निर्देश दिया गया है.
लाइसेंस दे सरकार : संघ
दस्तावेज नवीस संघ के प्रवक्ता दिलीप श्रीवास्तव ने कहा कि 1995 के बाद एक भी लाइसेंस निर्गत नहीं किया गया है. पिछले साल बोकारो में लिखित परीक्षा लेकर प्रैक्टिशनरों को डीड राइटर का लाइसेंस दिया गया. इसी तरह धनबाद में भी लिखित परीक्षा लेकर लाइसेंस निर्गत किया जाये.
इस संबंध में अवर निबंधक संतोष कुमार ने कहा कि यहां प्रतिदिन 30 से 40 दस्तावेज की रजिस्ट्री होती है. 35 डीड राइटर लाइसेंसी हैं. नये लाइसेंस निर्गत करने के लिए मुख्यालय को लिखा गया था, लेकिन मुख्यालय ने यह कह कर प्रस्ताव ठुकरा दिया कि 30-40 दस्तावेज के लिए 35 डीड राइटर पर्याप्त हैं.
