पांच की गयी जान, मची रही अफरातफरी

धनबाद : पीएमसीएच में विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार दूसरे दिन भी आउटसोर्सिंग कर्मियों के एक गुट की हड़ताल जारी रही. अस्पताल में चरमरायी व्यवस्था के कारण मंगलवार को पांच लोगों ने दम तोड़ दिया. तीन मरीज को कार्डियो रिस्पेट्री फैल्योर (सीआर फैल्योर) मौत की वजह बतायी गयी है. यदि हड़ताल नहीं रहती तो शायद […]

धनबाद : पीएमसीएच में विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार दूसरे दिन भी आउटसोर्सिंग कर्मियों के एक गुट की हड़ताल जारी रही. अस्पताल में चरमरायी व्यवस्था के कारण मंगलवार को पांच लोगों ने दम तोड़ दिया. तीन मरीज को कार्डियो रिस्पेट्री फैल्योर (सीआर फैल्योर) मौत की वजह बतायी गयी है. यदि हड़ताल नहीं रहती तो शायद उनकी जान बच जाती, क्योंकि चिकित्सा के बाद हालात की जानकारी नर्स ही चिकित्सक को देती हैं. मरीज उनके परिजनों के भरोसे ही रहे.

दूसरी ओर हड़ताल पर रहे कर्मियों ने स्त्री व प्रसूति रोग विभाग के मुख्य गेट पर दूसरे दिन भी एजेंसी का विरोध किया. इस बीच पीएमसीएच अधीक्षक डॉ तुनुल हेंब्रम ने हड़ताली नर्स व पारा मेडिकल कर्मियों को वार्ता के लिए बुलाया, लेकिन कर्मियों ने अधीक्षक के पास जाने से इनकार कर दिया. कर्मियों का कहना था कि मामला एजेंसी से जुड़ा है, इसलिए एजेंसी से ही वार्ता की जायेगी. वार्ता भी सभी के सामने ही होगी. हड़ताल को देखते हुए अधीक्षक डॉ हेंब्रम ने सिविल सर्जन से अतिरिक्त नर्स की मांग की है. बता दें कि श्रीराम इंटरप्राइजेज व एडवांस कंपनी के अधीन यहां पर नर्स, पारा मेडिकल, वार्ड ब्यॉज आदि कार्यरत हैं.

मांगों को लेकर स्ट्राइक पर हैं आउटसोर्सिंग की नर्सें व पारा मेडिकल कर्मी
दिन भर परेशान रहे परिजन, बिना देखरेख के बेड पर पड़े रहे मरीज
न इंजेक्शन पड़ा और न बताया गया दवा का डोज
इन लोगों की हुई मौत
जीएनएम छात्राओं की परीक्षा, नहीं आयीं अस्पताल
आउटसोर्सिंग नर्सों की हड़ताल पर जाने पर अधीक्षक ने जीएनएम स्टूडेंट्स को ड्यूटी पर लगाया था. इन प्रशिक्षु नर्सों को सीनियर नर्स के अंदर रह कर सेवा देनी है. लेकिन मंगलवार से जीएनएम नर्सों की परीक्षा शुरू हो गयी. ऐसे में जीएनएम नर्स मंगलवार को काफी संख्या में अस्पताल नहीं आ पायीं. यह स्थिति कुछ दिनों कर जारी रहेगी. इसलिए भी परेशानी रही.
12 नर्सों के भरोसे 500 बेड का अस्पताल
पीएमसीएच में सरकारी नर्स (ए ग्रेड) मात्र 12 हैं. वहीं पीएमसीएच में कुल बेडों की संख्या 500 है. ऐसे में एक नर्स के भरोसे लगभग 41 मरीज आ रहे हैं. तीन-तीन वार्डों पर एक नर्स की ड्यूटी लगा दी गयी है. हर वार्ड से नर्स को स्लाइन चढ़ाने, सूई देने, एंटीबायोटिक देने आदि के लिए कॉल आ रही हैं, मरीज नर्स के लिए वार्ड-वार्ड में चक्कर काट रहे हैं.

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