पति की घिनौनी करतूत से शर्मसार हुई मानवता, प्रताड़ना से तंग आकर मायके में रह रही थी पीड़िता

बरवाअड्डा : बरवाअड्डा थाना प्रभारी दिनेश कुमार ने मानवता की मिसाल पेश की. नीतू पांडेय को लेकर पीएमसीएच पहुंचे तो डॉक्टरों ने कहा कि आरती की स्थिति गंभीर है. यहां इलाज संभव नहीं है. कहा नीतू का ऑपरेशन तुरंत आवश्यक है, नहीं तो इसकी जान जा सकती है. जांच में नीतू का ब्लड ग्रुप बी […]

बरवाअड्डा : बरवाअड्डा थाना प्रभारी दिनेश कुमार ने मानवता की मिसाल पेश की. नीतू पांडेय को लेकर पीएमसीएच पहुंचे तो डॉक्टरों ने कहा कि आरती की स्थिति गंभीर है. यहां इलाज संभव नहीं है. कहा नीतू का ऑपरेशन तुरंत आवश्यक है, नहीं तो इसकी जान जा सकती है. जांच में नीतू का ब्लड ग्रुप बी पॉजिटिव निकला.
थानेदार श्री कुमार का भी ब्लड ग्रुप वही है. वह तुरंत खुद खून देने के लिए तैयार हो गये. मौके पर ही थानेदार एवं एक अन्य पुलिसकर्मी दिनेश राम ने एक–एक यूनिट ब्लड डोनेट किया. इसके बाद आरती का ऑपरेशन शुरू हुआ. ऑपरेशन के पांच घंटे बाद नीतू को होश आया. थानेदार के इस नेक काम के लिए लोग उनकी प्रशंसा कर रहे हैं.
पुलिस ने मारा छापा : घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने अशोक को पकड़ने के लिए कॉलोनी में स्थित उसके घर में छापा मारा. पुलिस सीढ़ी के सहारे आवास में प्रवेश किया. पुलिस अशोक के कमरे में पहुंची तो देखा कि पूरे कमरे में खून के दाग हैं. पुलिस के पहुंचे के पूर्व ही अशोक बच्चों को लेकर भाग गया था.
नग्न अवस्था में थाना पहुंची थी पीड़िता : जालिम पति के चंगुल से भाग कर नीतू जिस समय थाना के सामने पहुंची, उस समय उसके पास कोई कपड़े नहीं थे. केवल अंत: वस्त्र में ही थाना पहुंची और घटना की पूरी जानकारी थाना प्रभारी दिनेश कुमार को दी. उसका इलाज पीएमसीएच में चल रहा है, जहां उसकी स्थिति गंभीर बतायी जा रही है.
पीड़िता के पिता बोले : बेटी की बराबर पिटाई करता था अशोक पांडेय
नीतू के पिता विभाष चंद्र मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2009 में बेटी की शादी अशोक पांडेय से की. शादी के बाद आरती को दो पुत्र पीयूष (08 वर्ष), आयुष (05 वर्ष) एवं पुत्री साक्षी (03 वर्ष) को जन्म दिया. शादी के बाद से ही वह हमेशा शराब पीकर बेटी के साथ मारपीट करता था. इस संबंध में बेटी ने महिला थाना में मामला भी दर्ज कराया था.
वर्ष 2015 में समझौता होने के बाद मामला खत्म हो गया. अशोक ने इसके लिए थाने में बॉन्ड भी भरा था. कुछ दिन बाद अशोक फिर बेटी के साथ मारपीट करने लगा. अशोक के डर से बेटी रहने के लिए मेरे पास आ गयी. पिछले माह अशोक अपने रिश्तेदार एवं जीजाजी को लेकर आया औरा बोला कि अब नीतू के साथ कभी मारपीट नहीं करूंगा. अशोक के जीजा ने भी कहा कि दोनों पति–पत्नी शांति से रहेंगे. पिछली बात को छोड़िए और अब दोनों को साथ रहने दीजिए. फिर मैंने बेटी को दामाद अशोक के साथ जाने दे दिया. यह हमारी बड़ी भूल थी.
खराब आचरण के कारण गांव से बहिष्कृत है अशोक
बरवाअड्डा. अशोक पांडेय (30 वर्ष) भेलाटांड़ में रहता था. अशोक हमेशा शराब, अनैतिक गतिविधि एवं असामाजिक काम करते थे. पत्नी से हमेशा लड़ाई, झगड़ा करते रहता था. गांव के लोगों के समझााने के बाद भी वही किसी की बात नहीं मानता था. इसके कारण ग्रामीणों ने उसका सामाजिक बहिष्कार कर दिया था.
इसके बाद वह कॉलोनी के मकान में भाड़ा पर रहने लगा. कॉलोनियों के निवासियों ने बताया कि अशोक पांडेय एक नंबर का शराबी मनबढू एवं वहशी आदमी है. उसके व्यवहार एवं आचरण के कारण कॉलोनी में उसकी किसी से नहीं पटती थी. वह बराबर पत्नी एवं अपने बच्चों को पीटता रहता है. जानकारी के अनुसार विगत दो वर्ष से उसका संपर्क पटना निवासी सोनू (28 वर्ष) से हुआ. सोनू बराबर अशोक का घर आता–जाता था.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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