पहले NGO बनाया, फिर खड़ी कीं 10 कंपनियां; राधास्वामी संगठन पर करोड़ों की ठगी के आरोप

राधास्वामी संगठन के नाम पर करोड़ों की ठगी का पर्दाफाश हुआ है. आरोप है कि NGO और 10 कंपनियों का इस्तेमाल कर लोगों को ठगा गया. जांच में सामने आए चौंकाने वाले खुलासे.

झारखंड-बिहार समेत कई राज्यों में सब्सिडी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित ठगी के मामले में राधास्वामी संगठन से जुड़े गिरोह के खिलाफ जांच में रोज नये खुलासे हो रहे हैं. आरोप है कि लोगों को भरोसे में लेने के लिए पहले ‘राधास्वामी संगठन’ नाम से एनजीओ बनाया गया और बाद में इसी नाम से जुड़ी कई कंपनियां खड़ी की गयीं.

संगठन के अध्यक्ष दीपक कुमार शर्मा ने वर्ष 2020 से 2025 के बीच कंपनी एक्ट, 2013 के तहत करीब 10 कंपनियां गठित कीं. इन कंपनियों में अलग-अलग लोगों के साथ दीपक कुमार शर्मा निदेशक रहा. कंपनियों के नाम में ‘RSOG’ यानी राधास्वामी ऑर्गेनाइजेशन का इस्तेमाल किया गया, जिससे लोगों को इनके संगठन से जुड़े होने का भरोसा दिलाया जाता था.

एनजीओ के लेटरहेड पर किया जाता था करार

जांच से जुड़े दस्तावेजों के मुताबिक, लाभुकों से रकम की वसूली इन कंपनियों के बैंक खातों में की जाती थी. वहीं, लोगों को राधास्वामी संगठन एनजीओ के नाम से चेक और बॉन्ड पेपर दिये जाते थे.

आरोप है कि लाभुकों के साथ करार भी राधास्वामी संगठन के लेटरहेड पर किया जाता था, जबकि उनसे ली गयी रकम अलग-अलग कंपनियों के खातों में जमा करायी जाती थी. जांच एजेंसियां इन कंपनियों के बैंक खातों और लेन-देन की भी पड़ताल कर रही हैं.

पांच साल में बनाई गयीं ये 10 कंपनियां

राधास्वामी संगठन से जुड़े लोगों ने वर्ष 2020 से 2025 के बीच जिन कंपनियों का गठन किया, उनमें शामिल हैं—

  1. RSOG सर्विस प्राइवेट लिमिटेड
  2. RSABN निधि लिमिटेड
  3. RSOG ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड
  4. RSOG बिल्डर्स डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड
  5. RSOG मोटर्स एंड बैटरी प्राइवेट लिमिटेड
  6. RSOG फूड कॉस्मेटिक प्राइवेट लिमिटेड
  7. राधा स्वामी अर्थ वृद्धि निधि लिमिटेड
  8. RSOG सिक्यूरिटी प्राइवेट लिमिटेड
  9. RSOG बिल्डकॉम प्राइवेट लिमिटेड
  10. RSOG इंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड

इन कंपनियों में दीपक कुमार शर्मा के अलावा रश्मि कुमारी, दीपक कुमार, अरुण कुमार और रवीट मिस्त्री समेत अन्य लोगों के निदेशक के रूप में जुड़े होने की जानकारी सामने आयी है.

कंपनियों से पहले बनाया गया था एनजीओ

दस्तावेजों के मुताबिक, इन कंपनियों से पहले ‘राधास्वामी संगठन’ नाम से एक एनजीओ का गठन किया गया था. इसका रजिस्ट्रेशन सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 के तहत 22 जून 2010 को बिहार में कराया गया था.

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इस संगठन के अध्यक्ष के रूप में दीपक कुमार शर्मा का नाम दर्ज है. दस्तावेज में उनका पता नावाडीह सैमोराकांडी, गढ़वा बताया गया है. वहीं, संगठन की सचिव प्रियंका कुमारी का पता पटना के जक्कनपुर इलाके का दर्ज है.

पुलिस जिसे तलाश रही, उसका फेसबुक मैसेज वायरल

डेढ़ सौ करोड़ रुपये की कथित ठगी के मामले में पुलिस जिस दीपक कुमार शर्मा की तलाश कर रही है, उसके नाम से शुक्रवार को फेसबुक पर एक मैसेज सामने आया.

मैसेज में दीपक कुमार शर्मा ने कथित तौर पर दावा किया कि वह संगठन की संपत्ति बेचकर लोगों के पैसे वापस करेगा. बताया जा रहा है कि उसने पहले यह मैसेज रिकॉर्ड किया और अपने एजेंटों तक पहुंचाया. इसके बाद कई एजेंटों ने इसे अपने-अपने फेसबुक पेज पर अपलोड किया.

पुलिस का मानना है कि यह मैसेज बिहार या झारखंड के किसी इलाके से जारी किया गया हो सकता है. पुलिस उसकी लोकेशन का पता लगाने और गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है.

2023 में पटना में खोला था ऑफिस

दीपक कुमार शर्मा ने वर्ष 2023 में पटना के जक्कनपुर थाना क्षेत्र के मीठापुर-दोपुलवा इलाके में राधास्वामी संगठन का कार्यालय खोला था. कार्यालय का मासिक किराया करीब 1.50 लाख रुपये बताया जा रहा है.

मकान मालिक के मुताबिक, दीपक ने खुद को एक कंपनी का संचालक बताया था. इसके लिए मकान का एग्रीमेंट भी कराया गया था. हालांकि, कुछ समय बाद कार्यालय बंद हो गया. मार्च के बाद से वहां गतिविधियां बंद बतायी जा रही हैं और दीपक का मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ बताया जा रहा है.

अलग-अलग दस्तावेजों में अलग जन्मतिथि

जांच के दौरान दीपक कुमार शर्मा के दस्तावेजों को लेकर भी सवाल उठे हैं. रिपोर्ट के अनुसार, आधार कार्ड में उसका पता पटना के मीठापुर स्थित रेलवे क्वार्टर का दर्ज है, जबकि उसे मूल रूप से गढ़वा का रहने वाला बताया गया है.

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इसके अलावा अलग-अलग दस्तावेजों में उसकी जन्मतिथि भी अलग दर्ज होने की बात सामने आयी है. आधार कार्ड में जन्मतिथि 18 दिसंबर 1988, जबकि वर्ष 2015 में बने वोटर कार्ड में 1 जनवरी 1990 दर्ज होने की जानकारी है. इन दस्तावेजों में से कौन सही है और किन दस्तावेजों में गड़बड़ी है, यह जांच का विषय है.

गिरिडीह में चार लोग गिरफ्तार

राधास्वामी संगठन से जुड़े कथित ठगी मामले में गिरिडीह पुलिस ने प्रदेश प्रभारी मुकेश कुमार सिन्हा, उसकी पत्नी और संगठन की गिरिडीह जिला प्रभारी अनीशा सिन्हा, साला सुमित कुमार और संगठन के विजिलेंस अफसर जितेंद्र सिंह उर्फ सुबोध सिंह को गिरफ्तार किया है.

पुलिस अब संगठन के नेटवर्क, एजेंटों, कंपनियों के बैंक खातों और कथित तौर पर लाभुकों से वसूली गयी रकम के लेन-देन की जांच कर रही है. मामले में आगे और लोगों के नाम सामने आने की संभावना है.

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By Rakesh sinha

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