करौं . प्रखंड क्षेत्र के जोड़ामो गांव में रविवार को पेसा व एसपीटी एक्ट को लेकर आदिवासी समाज की बैठक की गयी. बैठक में पेसा कानून व एसपीटी एक्ट पर विस्तार से चर्चा कर उपस्थित लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों के बारे में जागरूक किया गया. बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पेसा कानून आदिवासी क्षेत्रों में ग्राम सभा को मजबूत बनाने व स्थानीय लोगों को अपने संसाधनों पर अधिकार देने के उद्देश्य से बनाया गया है. समाज के हर व्यक्ति को इसके प्रावधानों की जानकारी होना आवश्यक है. ताकि वे अपने अधिकारों की रक्षा कर सकें. कहा कि यह एसपीटी एक्ट आदिवासी जमीन व अधिकारों की रक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और समाज को इसके बारे में जागरूक रहना चाहिए. बैठक में मांझी-परगना व्यवस्था को लेकर भी चर्चा की गयी. पारंपरिक ग्राम सभा को सशक्त बनाने और सामाजिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इस व्यवस्था की भूमिका पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया. बैठक में समाज के सभी लोगों से एकजुट रहने, सामाजिक, शैक्षणिक व आर्थिक विकास के लिए मिलकर कार्य करने की अपील की गयी. मौके पर प्रोफेसर सुनील हांसदा, सुनील कुमार बास्की, लश्कर टुडू, सुखू हांसदा, देवेश्वर सोरेन, लंबेश्वर हेंब्रम, विपिन मरांडी, बिहुलाल हांसदा, अजीत मरांडी, शालिग्राम टुडू, पान मुर्मू, वकील सोरेन, उबिलाल हांसदा, परमेश्वर टुडू समेत दर्जनों गणमान्य लोग मौजूद थे.
Deoghar news : पेसा कानून व एसपीटी एक्ट पर चर्चा कर संवैधानिक अधिकारों के बारे में किया जागरूक
मधुपुर के करौं में पेसा व एसपीटी एक्ट को लेकर आदिवासी समाज के गणमान्य की बैठक हुई, जिसमें कानूनों पर चर्चा कर समाज को उनके संवैधानिक अधिकारों के बारे में बताया.
